QS Ranking 2027: MBA करने वालों के लिए बड़ी खबर, तीनों बड़े IIM फिसले, आईआईएम कलकत्‍ता को सबसे बड़ा झटका

QS Ranking 2027: MBA करने वालों के लिए बड़ी खबर, तीनों बड़े IIM फिसले, आईआईएम कलकत्‍ता को सबसे बड़ा झटका


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QS MBA Rankings 2027: आईआईएम से एमबीए करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए ग्लोबल रैंकिंग से एक साथ दो बड़ी खबरें सामने आई हैं.क्यूएस एमबीए रैंकिंग 2027 में भारत के तीनों बड़े आईआईएम टॉप-100 में तो बने हुए हैं लेकिन उनकी रैंक पिछले साल के मुकाबले नीचे गई है.आईआईएम कलकत्ता को सबसे बड़ा झटका लगा और वह 31 पायदान फिसलकर 95वें स्थान पर पहुंच गया.

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Top MBA Colleges, IIM Ranking: क्‍यूएस ने जारी की आईआईएम रैंकिंग.

QS MBA Rankings 2027: दुनिया के टॉप बिजनेस स्कूलों में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए क्यूएस ग्लोबल फुल-टाइम एमबीए रैंकिंग 2027 जारी हो गई है. इस बार भारतीय मैनेजमेंट संस्थानों की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है. देश के तीन प्रमुख आईआईएम ने दुनिया के टॉप-100 एमबीए संस्थानों में अपनी जगह तो बरकरार रखी है लेकिन तीनों की रैंक पिछले साल के मुकाबले नीचे गई है. सबसे बड़ी गिरावट आईआईएम कलकत्ता की रैंक में हुई है जबकि आईआईएम बेंगलुरु लगातार चौथे साल भारत का सबसे ऊंची रैंक वाला एमबीए संस्थान बना हुआ है.

खास बात यह है कि तीन बड़े आईआईएम की रैंकिंग में गिरावट के बावजूद ग्लोबल एमबीए रैंकिंग में भारत की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है. साल 2027 की रैंकिंग में कुल 19 भारतीय संस्थानों को जगह मिली है. साल 2022 में यह संख्या सिर्फ सात थी जबकि 2020 में पांच भारतीय संस्थान ही इस रैंकिंग में शामिल थे. इस साल पांच भारतीय संस्थानों ने पहली बार क्यूएस एमबीए रैंकिंग में जगह बनाई है.

तीनों IIM टॉप-100 में, लेकिन रैंक नीचे गई

क्यूएस एमबीए रैंकिंग 2027 में आईआईएम बेंगलुरु को 64वीं रैंक मिली है. पिछले साल यानी 2026 की रैंकिंग में यह संस्थान 52वें स्थान पर था. इस तरह इसकी रैंक में 12 पायदान की गिरावट हुई है. इसके बावजूद आईआईएम बेंगलुरु भारत का सबसे ऊंची रैंक वाला एमबीए संस्थान बना हुआ है. आईआईएम अहमदाबाद की रैंक भी इस साल 12 पायदान नीचे गई है. पिछले साल 58वें स्थान पर रहने वाला आईआईएम अहमदाबाद अब 70वें स्थान पर है. वहीं आईआईएम कलकत्ता की रैंक में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है. यह संस्थान पिछले साल 64वें स्थान पर था लेकिन इस बार 95वें स्थान पर पहुंच गया है यानी आईआईएम कलकत्ता की रैंक एक साल में 31 पायदान नीचे गई है हालांकि रैंकिंग में गिरावट के बावजूद तीनों आईआईएम दुनिया के टॉप-100 एमबीए संस्थानों में अपनी जगह बनाए हुए हैं.

भारतीय बिजनेस स्कूलों के सामने बढ़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा

क्यूएस के मुताबिक इस बार भारतीय बिजनेस स्कूलों को दुनिया के दूसरे संस्थानों से पहले के मुकाबले ज्यादा कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा. खासतौर पर निवेश पर मिलने वाले रिटर्न यानी रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट, उद्यमिता और पूर्व छात्रों के परिणाम यानी एंटरप्रेन्योरशिप एंड एलुमनाई आउटकम्स और विविधता यानी डायवर्सिटी जैसे क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ी है.रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का मतलब यह देखा जाता है कि किसी एमबीए प्रोग्राम पर छात्र जितना खर्च करता है उसके मुकाबले उसे कितना फायदा मिलता है. वहीं एंटरप्रेन्योरशिप एंड एलुमनाई आउटकम्स में संस्थान से पढ़ चुके छात्रों के करियर, उपलब्धियों और उद्यमिता से जुड़े परिणामों को देखा जाता है. डायवर्सिटी में संस्थान के भीतर विविधता जैसे पहलुओं का आकलन किया जाता है हालांकिभारतीय संस्थानों के प्रदर्शन में हर क्षेत्र में गिरावट नहीं आई है. क्यूएस के अनुसार 10 भारतीय एंट्री ने थॉट लीडरशिप के मामले में इस साल अपने प्रदर्शन में सुधार किया है. इसका मतलब है कि बौद्धिक नेतृत्व और विचारों के प्रभाव से जुड़े इस पहलू में कई भारतीय संस्थानों ने बेहतर प्रदर्शन किया है.

IIM बेंगलुरु लगातार चौथे साल भारत में सबसे आगे

ओवरऑल रैंकिंग में आईआईएम बेंगलुरु की रैंक भले ही 12 पायदान नीचे गई हो लेकिन भारत के एमबीए संस्थानों में इसकी स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है. यह लगातार चौथे साल भारत का सबसे ऊंची रैंक वाला एमबीए संस्थान है.रोजगार की क्षमता यानी एम्प्लॉयबिलिटी के मामले में आईआईएम बेंगलुरु को दुनिया में 29वीं रैंक मिली है.इस इंडिकेटर में वह पूरे एशिया में दूसरे स्थान पर रहा है. इसके अलावा थॉट लीडरशिप के मामले में भी संस्थान ने थोड़ा सुधार किया है और इस श्रेणी में इसकी ग्लोबल रैंक 51 रही है.इससे पता चलता है कि ओवरऑल रैंकिंग में गिरावट के बावजूद आईआईएम बेंगलुरु के रोजगार और थॉट लीडरशिप से जुड़े प्रदर्शन में उसकी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है.

IIM अहमदाबाद की एंटरप्रेन्योरशिप में खास स्थिति

आईआईएम अहमदाबाद इस साल क्यूएस एमबीए रैंकिंग में 70वें स्थान पर है. पिछले साल इसे 58वीं रैंक मिली थी. एम्प्लॉयबिलिटी के मामले में आईआईएम अहमदाबाद दुनिया के टॉप-40 संस्थानों में शामिल है. थॉट लीडरशिप में भी इसे ग्लोबल टॉप-100 में जगह मिली है.आईआईएम अहमदाबाद की एक खास उपलब्धि एंटरप्रेन्योरशिप एंड एलुमनाई आउटकम्स के क्षेत्र में है. इस इंडिकेटर में ग्लोबल टॉप-100 में जगह बनाने वाला यह इकलौता भारतीय संस्थान है.इस श्रेणी में आईआईएम अहमदाबाद की ग्लोबल रैंक 84 है.

IIM कलकत्ता की रैंक 31 पायदान गिरी

तीनों भारतीय आईआईएम में सबसे बड़ी गिरावट आईआईएम कलकत्ता की हुई है. साल 2026 की क्यूएस एमबीए रैंकिंग में 64वें स्थान पर रहने वाला आईआईएम कलकत्ता इस बार 95वें स्थान पर पहुंच गया है यानी इसकी रैंक में 31 पायदान की गिरावट हुई है.इसके बावजूद संस्थान ग्लोबल टॉप-100 में बना हुआ है. एम्प्लॉयबिलिटी के मामले में आईआईएम कलकत्ता दुनिया के टॉप-40 संस्थानों में शामिल है. थॉट लीडरशिप में भी इसे ग्लोबल टॉप-100 में जगह मिली है.



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