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Superstar Son Of Superstar Father: बॉलीवुड में कई स्टारकिड्स ऐसे रहे हैं, जिनके लिए फिल्मों की दुनिया नई नहीं थी. घर में सितारों की महफिल सजती थी और पिता का नाम ही पहचान के लिए काफी था. लेकिन एक स्टारकिड ऐसा भी था, जिसने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए एक्टिंग तो की मगर फिर इस चमकती दुनिया से ही किनारा कर लिया. सालों तक पर्दे से दूर रहने के बाद अब वह एक बार फिर चर्चा में हैं. वजह है अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’, जहां उनकी वापसी ने फैंस को चौंका दिया है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में स्टार किड्स का करियर शुरू से ही चर्चा में रहा है. किसी ने पिता की विरासत संभाली तो किसी ने अपने दम पर अलग पहचान बनाई. कुछ स्टार किड्स ऐसे भी रहे, जिन्हें फिल्मों का माहौल बचपन से मिला, लेकिन कैमरे के सामने आने के बाद भी वह इस चमक-दमक में ज्यादा देर टिक नहीं पाए. एक ऐसे ही स्टार किड ने अपने सुपरस्टार पिता की राह पर चलने की कोशिश की, फिल्मों में काम किया, लेकिन फिर अचानक इंडस्ट्री से दूरी बना ली. दिलचस्प बात ये है कि उनके फैसले के पीछे कोई फ्लॉप फिल्म या करियर का संकट नहीं था. बल्कि उन्हें बॉलीवुड की एक ऐसी चीज खलने लगी थी, जिससे धीरे-धीरे उनका मन ही इस दुनिया से हट गया. अब करीब एक दशक बाद उनकी वापसी ने फिर से लोगों का ध्यान खींच लिया है. आखिर कौन है वो स्टार किड और क्यों छोड़ दी थी उसने बॉलीवुड की चकाचौंध और अब कैसे ‘दृश्यम 3’ से धमाकेदार वापसी कर रहे हैं.
वो कोई और नहीं, बल्कि दिग्गज एक्टर और कॉमेडियन महमूद के बेटे लकी अली हैं. महमूद के नाम से बॉलीवुड का शायद ही कोई सिनेप्रेमी अनजान होगा, लेकिन उनके बेटे ने पिता की तरह फिल्मों में लंबी पारी खेलने के बजाय अपनी अलग राह चुनी. एक्टिंग से करियर शुरू करने वाले लकी अली आगे चलकर ऐसी पहचान बनाने में कामयाब हुए, जो उन्हें बाकी स्टार किड्स से बिल्कुल अलग खड़ा करती है. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
जहां आज के दौर में ज्यादातर स्टार किड्स एक्टिंग और बॉलीवुड के बड़े बैनर्स के पीछे भागते हैं. वहीं, लकी अली ने अपने पिता के इतने बड़े रुतबे के बावजूद कभी सिफारिश का सहारा नहीं लिया. उनके भीतर एक अलग ही धुन थी और वो धुन थी संगीत की. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
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एक इंटरव्यू में लकी अली ने बताया कि एक्टिंग असल में उनके पिता की इच्छा थी. वह अपने पिता को खुश करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने कुछ फिल्मों में काम किया. हालांकि बाद में उन्हें महसूस हुआ कि संगीत ही उनका माध्यम है. उन्होंने श्याम बेनेगल और संजय गुप्ता जैसे निर्देशकों के साथ भी काम किया. लकी अली ने बतौर एक्टर ‘छोटे नवाब’, ‘छोटे सी बात’ और ‘हमारे तुम्हारे’ जैसी फिल्मों में काम किया. बाद में वह ‘त्रिकाल’ और ‘भारत एक खोज’ जैसे प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा बने. श्याम बेनेगल के साथ काम करने के दौरान उन्हें नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और ओम पुरी जैसे दिग्गज कलाकारों से सीखने का मौका मिला. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
लकी अली को असली पहचान एक्टिंग से नहीं, बल्कि उनकी आवाज और संगीत से मिली. 1996 में आया उनका एल्बम ‘सुनो’ इंडियन इंडी-पॉप के दौर में एक अलग पहचान लेकर आया. इसका गाना ‘ओ सनम’ देखते ही देखते युवाओं की पसंद बन गया. इसके बाद ‘सफरनामा’, ‘आ भी जा’, ‘एक पल का जीना’ और ‘तू ही है’ जैसे गानों ने उनकी पहचान को और मजबूत किया. उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने उस दौर के बेहद चमकदार फिल्मी संगीत से अलग अपनी सादगी को कायम रखा. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
करियर के बीच एक ऐसा दौर भी आया जब लकी अली ने बॉलीवुड से दूरी बना ली. साल 2015 के बाद वह हिंदी फिल्मों में बतौर प्लेबैक सिंगर लगभग गायब हो गए. लेकिन इसकी वजह सिर्फ इंडस्ट्री से नाराजगी नहीं थी. लकी अली ने साल 2025 में एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था. उन्होंने बताया था कि इंडस्ट्री में उनके साथ कुछ लोगों ने गलत व्यवहार किया था, लेकिन उन्होंने साफ किया कि वह बॉलीवुड की कथित ‘टॉक्सिसिटी’ की वजह से नहीं गए थे. उन्हें वहां का ‘मोनोटनी’ यानी दोहराव और नीरसता परेशान करने लगी थी. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
उन्होंने यह भी कहा था कि अपने पिता महमूद के निधन के बाद उन्हें बॉलीवुड में पहले जैसा अपनापन महसूस नहीं होता था. उन्हें लगा कि वहां उनके लिए अब कुछ बचा नहीं है. इसी दौर में उन्होंने अपने तरीके से संगीत करने की तरफ दोबारा रुख किया. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
जहां बॉलीवुड सेलेब्स लाइमलाइट और पार्टियों की दौड़ में शामिल थे, वहीं लकी अली सुकून, यात्रा, ऑर्गेनिक खेती और अपनी शर्तों पर जीने की आजादी चाहते थे. वे नकली चमक से दूर होकर प्रकृति के करीब चले गए और सिर्फ अपने लाइव कॉन्सर्ट्स के जरिए अपने चाहने वालों से जुड़े रहे. गोवा से उनके कई बार वीडियोज वायरल हुए. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
लकी अली की पर्सनल लाइफ भी उनकी तरह ही पारंपरिक ढर्रे से अलग रही है. उन्होंने जिंदगी में तीन शादियां कीं और पांच बच्चों के पिता हैं. उनकी पहली शादी न्यूजीलैंड की मॉडल मेगन जेन मैक्लियरी से हुई थी. दोनों के दो बच्चे हैं- बेटी तस्मिया और बेटा ताअव्वुज. इसके बाद लकी ने इनाया से शादी की, जिनसे उनके दो बच्चे सारा और रैयान हैं. साल 2010 में उन्होंने ब्रिटिश मॉडल और पूर्व ब्यूटी क्वीन केट एलिजाबेथ हॉलम से तीसरी शादी की. दोनों का एक बेटा डैनी मकसूद अली है. यह शादी 2017 में खत्म हो गई. 68 साल की उम्र में लकी अभी अकेले हैं. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram
लंबे ब्रेक के बाद लकी अली ने 2024 में फिल्म ‘दो और दो प्यार’ के लिए ‘तू है कहां’ गाया. इससे उनके फैंस को एक बार फिर उनकी आवाज सुनने का मौका मिला. अब उनकी वापसी और भी खास है, क्योंकि इस बार उनकी आवाज अजय देवगन की ‘दृश्यम: द कंक्लूजन’ यानी दृश्यम 3 में सुनाई दे रही है. उनका गाना ‘मुस्कारा दो’ रिलीज हुआ है. इस गाने को लकी अली ने अपनी आवाज दी है. इसका संगीत रोचक कोहली ने तैयार किया है, जबकि बोल मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं. गाना परिवार, रिश्तों और मुश्किल वक्त के बीच छोटी-छोटी खुशियां तलाशने की भावना पर आधारित है. ये फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. फोटो साभार-@officialluckyali/Instagram