वडनगर जन्मभूमि तो काशी कर्मभूमि: ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के युवाओं से बोले PM
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पीएम मोदी ने वडनगर से वाराणसी के बीच निकली ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए इसे राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा अभियान बताया है. युवाओं से मुखातिब होते हुए पीएम ने कहा कि वडनगर और वाराणसी दोनों ही हजारों साल पुराने जीवंत और ऐतिहासिक शहर हैं. उनके लिए वडनगर जन्मभूमि है, तो काशी कर्मभूमि. दोनों ही शहरों पर महादेव की कृपा है- काशी में बाबा विश्वनाथ और वडनगर में हाटकेश्वर महादेव का आशीष है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा संकल्प यात्रा’ से जुड़े युवाओं का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि वडनगर और वाराणसी दोनों ही पुरातन ऐतिहासिक शहर हैं और हजारों वर्षों से जीवंत हैं. उनके लिए वडनगर जन्मभूमि और वाराणसी कर्मभूमि है. पीएम मोदी ने कहा कि जब वह संगठन के स्तर पर काम कर रहे थे, तब उन्हें यात्राओं पर जाने का अनुभव हुआ था. लेकिन जब उन्होंने खुद यात्रा की, तब उन्हें पता चला कि इसमें कितनी चुनौतियों और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद युवाओं ने इस अभियान को पूरी लगन के साथ आगे बढ़ाया है. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘सेवा यात्रियों’ से बात की.
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद है, जबकि वडनगर हाटकेश्वर महादेव के आशीष की भूमि है. उन्होंने कहा कि युवा इन दोनों शहरों के बीच सेवा का बड़ा अभियान चला रहे हैं. उन्होंने यात्रा से जुड़े कुछ साथियों से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि वडनगर से वाराणसी की ओर बढ़ रहे युवाओं के अनुभव सुनकर ऐसा लगा, जैसे वह भी उनके साथ चल रहे हों.
सेवा भाव से आगे बढ़ती हैं योजनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि जब सेवाभाव से काम किया जाता है, तब करोड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज मिलता है और आयुष्मान योजना जैसी पहल जन्म लेती है. उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े युवाओं ने रास्ते भर सेवा के कामों को आगे बढ़ते हुए देखा होगा. उन्होंने ‘पीएम-किसान’ और ‘पीएम सूर्य घर योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी कई योजनाएं अपनी Last-Mile Delivery के लिए पहचानी जाती हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है.
2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति, चुनाव और शासन व्यवस्था अपनी जगह हैं, लेकिन वे राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा. पीएम मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और यही पीढ़ी उसकी बड़ी लाभार्थी भी होगी. उन्होंने कहा कि इस दायित्व को निभाने के लिए भारत को जमीन पर जानना और समझना जरूरी है.
प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश की बारीकियों को अनुभव करना, अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के लोगों से मिलना, उनके सपनों और आकांक्षाओं को समझना तथा उनकी बातें जानना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा युवाओं के जीवन में निश्चित रूप से अहम भूमिका निभाने वाली है.