ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो, बंगाल में दोबारा हों चुनाव: ममता का EC पर हमला
Last Updated:
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग कर दी है. एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा 10 महीनों में दर्ज की गई 14 आपत्तियों के खुलासे के बाद ममता ने तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग ने मिलकर राज्य के विधानसभा चुनाव को ‘लूट’ लिया है.
ममता ने पुरानी मतदाता सूची से दोबारा बंगाल चुनाव कराने की की मांग की है. (पीटीआई)
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले की मतदाता सूची के आधार पर फिर से चुनाव कराने की बुधवार को मांग की. बनर्जी ने साथ ही आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग ने इस साल की शुरुआत में हुए चुनाव को ‘लूट’ लिया.
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है, जब अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक खबर में दावा किया गया है कि देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न राज्यों में नाम हटाए जाने समेत कई मुद्दों को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्तियां जताई थीं. इस खबर के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया.
बनर्जी ने फेसबुक लाइव में कहा, “अब यह साबित हो गया है कि भाजपा और निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लूट लिया.” उन्होंने कहा, “जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त रहेंगे, तब तक देशभर में विरोध प्रदर्शन होंगे. उन्हें तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेजा जाना चाहिए. मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पद उनके जैसे व्यक्ति के लिए नहीं है. यह आजादी की एक और लड़ाई है – इस बार उस सीईसी से जिसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, और उस भाजपा से, जिसने भारत को बर्बाद कर दिया है.”
खबर में दावा किया गया है कि संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराईं, जिनमें कुछ ऐसे फैसले भी शामिल थे, जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना लिये गए थे. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि एसआईआर से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिये गए थे.
बनर्जी ने कहा, “पुरानी मतदाता सूची के साथ पश्चिम बंगाल में फिर से चुनाव होना चाहिए.” उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों ने इस मुद्दे पर बात की है और वे जल्द बैठक करेंगे. बनर्जी की यह टिप्पणी निर्वाचन आयोग द्वारा ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके आरक्षित ‘जोड़ा फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के कुछ दिनों बाद आई है. आयोग ने यह कदम पार्टी पर नियंत्रण को लेकर जारी गुटीय विवाद के बीच उठाया था.
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग अस्थायी पहचान आवंटित की. ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया, जबकि अरूप रॉय के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया.