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Bahraich News: अक्सर आपने देखा होगा कि दीवारों से सीमेंट पपड़ी की तरह छोड़ने लगती है, जिससे पूरी दीवार खराब हो जाती है. प्लास्टर क्यों छूटता है और इसे मजबूत व टिकाऊ बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस विषय पर लोकल 18 ने अनुभवी मिस्त्री शिवप्रकाश से खास बातचीत की.
बहराइच: अक्सर देखा जाता है कि घर या इमारतों के निर्माण के कुछ ही समय बाद छतों और दीवारों से प्लास्टर पपड़ी बनकर छूटने और गिरने लगता है. इससे न केवल घर की खूबसूरती खराब होती है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ जाती है. प्लास्टर क्यों छूटता है और इसे मजबूत व टिकाऊ बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस विषय पर लोकल 18 ने अनुभवी मिस्त्री शिवप्रकाश से खास बातचीत की.
बहराइच जिले के यादव गांव क अनुभवी मिस्त्री शिवप्रकाश ने बताया कि प्लास्टर छूटने की मुख्य वजह दीवार की सही से पानी से तरी न होना और सीमेंट का घोला ठीक से न लगाना है. प्लास्टर करते समय जिस दीवार या छत पर प्लास्टर करना हो, उस पर कम से कम दो दिन पहले से अच्छी तरह पानी छिड़ककर तराई की जानी चाहिए, ताकि दीवार पूरी तरह ठंडी हो जाए, खूब पानी सोख ले. दीवार पर जमी धूल-मिट्टी या पुरानी परत को तार वाले ब्रश से अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. जब लाल ईंटों की सतह साफ दिखने ना लगे, तब तक सफाई करनी चाहिए और अगर दीवाल नहीं है तो पानी की तरह देकर प्लास्टर कर सकते हैं.
तराई और सफाई के बाद ये काम करें
मसाले का सही अनुपात और मोटाई प्लास्टर की मजबूती और उम्र मसाले के अनुपात पर निर्भर करता है. शिवप्रकाश के अनुसार, प्लास्टर के लिए 4:1 का मानक अनुपात होना चाहिए. यानी 4 तसला मौरंग और 1 तसला सीमेंट. मसाले को नापकर और बहुत अच्छी तरह मिलाना चाहिए. यदि मिलाने में लापरवाही होती है, तो कहीं मौरंग अधिक रह जाती है और 2 से 4 सालों में वहीं से पपड़ी बनकर प्लास्टर झड़ने लगता है. बालू के बजाय मौरंग और सीमेंट का सही मिश्रण ज्यादा टिकाऊ होता है. इसके साथ ही प्लास्टर की मोटाई कम से कम आधा इंच रखनी चाहिए.
सालों तक रहेगा सुरक्षित
अनुभवी मिस्त्री का दावा है कि यदि दीवार की सही तराई, तार के ब्रश से सफाई, 4:1 के अनुपात में सही तरीके से मिलाया गया मसाला और आधा इंच मोटाई के साथ काम किया जाए, तो प्लास्टर सालों तक लंबे समय तक आराम से टिका रहता है और उसमें पपड़ी की समस्या नहीं आती. यदि आप भी नया घर बनवा रहे हैं या पुराने मकान की मरम्मत कराने जा रहे हैं, तो इन तकनीकी जानकारियों का ध्यान रखकर अपने मकान को लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बना सकते हैं.