Last Updated:
IAS Story : देश के दो चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की चर्चा इस समय पूरे देश में हो रही है. डॉ.सुखबीर सिंह संधू 1988 बैच, उत्तराखंड कैडर के IAS अधिकारी हैं. जबकि डॉ. विवेक जोशी 1989 बैच, हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी हैं.
IAS Story: डॉ. सुखबीर सिंह संधू पर्वतारोहरण भी कर चुके हैं.
IAS Story : देश के केंद्रीय चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर असहमति को लेकर चर्चा में हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी ने पिछले करीब 10 महीने में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों/कार्रवाइयों पर ऑन रिकॉर्ड आपत्ति दर्ज की.
बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग में तीन सदस्य होते हैंञ मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त. मतलब आयेग की पूर्ण पीठ तीन सदस्यीय होती है. यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत है. संविधान में शुरुआत में केवल CEC का प्रावधान था; अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति कर सकते हैं. फैसले बहुमत के आधार पर लेने का नियम है. आइए जानते हैं चुनाव आयुक्त डॉ. डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के बारे में विस्तार से.
कौन हैं डॉ. सुखबीर सिंह संधू?
डॉ.सुखबीर सिंह संधू 1988 बैच, उत्तराखंड कैडर के IAS अधिकारी हैं. वह अपने लंबे प्रशासनिक करियर में तमाम महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. जिसमें लोकपाल के सचिव और उत्तराखंड, पंजाब व उत्तर प्रदेश सरकारों में कई वरिष्ठ पद शामिल हैं. डॉ. संधू केंद्र सरकार में उच्च शिक्षा विभाग में अंतिरिक्त सचिव भी रह चुके हैं. जहां उन्होंने IIT और IIM जैसे संस्थानों से जुड़े मामलों को देखा.
डॉ. संधू 2019 से 2021 तक भारतीय राष्ट्रीय प्राधिकरण के अध्यक्ष भी थे. पढ़ाई-लिखाई की बात करें, तो उन्होंने MBBS और इतिहास में मास्टर्स किया है. रुचियों की बात करें, तो वह हॉकी खेल चुके हैं और पर्वतारोहण में रुचि रखते हैं; ECI के अनुसार उन्होंने उत्तराखंड की 22,000 फीट ऊंची Black Peak पर चढ़ाई की है.
डॉ. विवेक जोशी
डॉ. विवेक जोशी 1989 बैच, हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इसके अलावा IIFT से इंटरनेशनल बिजनेस में एग्जीक्यूटिव मास्टर्स, ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट जेनेवा से इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में मास्टर्स और पीएचडी भी किया है. वह हरियाणा के मुख्य सचिव रह चुके हैं.
डॉ. जोशी आरबीआई और SEBI के बोर्ड सदस्य भी रह चुके हैं. उनके पास भारतीय प्रशासनिक सेवा का 35 साल से अधिक का अनुभव है. जोशी का प्रशासनिक अनुभव खास तौर पर वित्तीय प्रशासन, जनगणना, कार्मिक प्रशासन, आर्थिक नीति और हरियाणा के प्रशासन में रहा है.