Last Updated:
Nepal Travel Advisory: नेपाल की ओर से एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की गई है कि यहां फिलहाल घूमने-फिरने के लिए लोग न आएं. आपको बता दें कि अगस्त महीने में आई नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद एक बार फिर से यहां भारी बारिश का अलर्ट है और लोगों नदियों और पहाड़ों से दूर रहने और सावधानी बरतने के लिए कहा गया .
नेपाल में बाढ़ का अलर्ट. (रॉयटर्स)
काठमांडू: नेपाल में एक बार फिर से आफत की आहट सुनाई दे रही है. यही वजह है कि नेपाल के टूरिज्म बोर्ड ने पर्यटकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. नेपाल घूमने का प्लान बना रहे टूरिस्ट्स को मौसम विभाग के हवाले से चेतावनी दी गई है कि 25 से 27 सितंबर के बीच देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. ऐसे में उन्हें यहां से दूर रहने के लिए कहा गया है. खासतौर पर कहा गया है कि नदियों और पहाड़ों वाले इलाके से दूर रहने के लिए कहा गया है.
26 अगस्त को ही नेपाल में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई थी. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक मंगलवार शाम तक इस बाढ़ में 1451 लोगों की मौत हो गई थी और 5705 लोग लापता हो गए थे, इनमें 636 विदेशी भी शामिल हैं. मंगलवार को ही जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार से रविवार तक पूर्वी कोशी, दक्षिणी मधेश, मध्य बागमती और पश्चिमी सुदूरपश्चिम प्रांतों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. कर्णाली, गंडकी और लुंबिनी समेत पश्चिमी प्रांतों में भी गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने का अनुमान लगाया है.
क्यों जारी की गई एडवाइजरी?
ऐसी आशंकाओं को देखते हुए एनटीबी ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. एनटीबी ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि नदी घाटियों के पास पहाड़ी और ज्यादा ऊंचे इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वहां मौसम तेजी से बदल सकता है और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है. भोटे कोशी और त्रिशूली नदी बेसिन इलाके में कई पर्यटक 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ का शिकार हुए थे. बोर्ड ने यात्रियों को सलाह दी कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी और आधिकारिक सलाह देख लें और सड़क, फ्लाइट और ट्रेकिंग-रूट की स्थितियों के बारे में अपडेट रहें.
घूमने-फिरने से बचने की वॉर्निंग
इसने यात्रियों को यह भी सलाह दी कि वे खराब मौसम से प्रभावित या ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचें. सलाह में कहा गया है कि नदियों, झरनों, खड़ी ढलानों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों के पास खास सावधानी बरतें. पर्यटन बोर्ड ने यात्रियों से यह भी कहा कि वे असुरक्षित मौसम में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और दूसरी आउटडोर गतिविधियों से बचें. उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों, पर्यटन पेशेवरों और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और मौसम की स्थिति के साथ टूर ऑपरेटरों की सलाह के आधार पर पहले से ही सुरक्षित जगहों पर रहें या वहां चले जाएं.