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Pregnancy After Sterilization: पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में नसबंदी के करीब एक साल बाद एक महिला के गर्भवती होने का मामला सामने आया है. बजरंगी बाजार की रहने वाली प्रीति कुमारी ने दो बच्चों के बाद 25 मार्च 2025 को नौतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण कराया था. ऑपरेशन के बाद वह सामान्य जीवन जी रही थीं. अगस्त 2026 में कमर दर्द की शिकायत पर जांच कराई गई. अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में उनके तीन महीने की गर्भवती होने की बात सामने आई. इससे महिला और उनके पति कन्हैया कुमार हैरान रह गए. दंपती ने परिवार नियोजन के बाद इस तरह की स्थिति सामने आने पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
पश्चिम चंपारण: बिहार में नसबंदी के बाद भी महिला के गर्भवती होने का एक मामला सामने आया है. महिला की करीब एक साल पहले नसबंदी हुई थी. इसके बावजूद वह गर्भवती हो गई. मामला पश्चिम चंपारण जिले के नौतन प्रखंड के बजरंगी बाजार के वार्ड नंबर-2 का है. बताया जा रहा है कि महिला ने दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन के तहत नसबंदी कराई थी. नसबंदी के बाद दंपती निश्चिंत थे. वे अपने दोनों बच्चों की परवरिश कर रहे थे. साथ ही सामान्य जिंदगी जी रहे थे. हाल ही में कमर दर्द की शिकायत के बाद महिला की जांच कराई गई. अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में महिला के तीन महीने की गर्भवती होने की जानकारी मिली. यह जानकर पति-पत्नी दोनों हैरान रह गए.
दो बच्चों के बाद लिया था परिवार नियोजन का फैसला
स्थानीय निवासी कन्हैया कुमार ने बताया कि मार्च 2025 में उन्होंने दो बच्चे होने के बाद पत्नी की सहमति से परिवार नियोजन का फैसला लिया था. इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौतन पहुंचे. वहां जरूरी जांच कराई गई. इसके बाद 25 मार्च 2025 को महिला की नसबंदी के लिए तारीख तय की गई. निर्धारित तारीख पर कन्हैया अपनी पत्नी को लेकर नौतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. वहां चिकित्सकों ने महिला का बंध्याकरण ऑपरेशन किया. दंपती के मुताबिक ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत ठीक थी. वह घर लौट आईं. इसके बाद दोनों अपने दो बच्चों के साथ सामान्य तरीके से रहने लगे. करीब एक साल तक सबकुछ ठीक चलता रहा. दंपती को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. उन्हें यह भी उम्मीद नहीं थी कि नसबंदी के बाद गर्भधारण जैसी स्थिति सामने आ सकती है.
कमर दर्द के बाद कराया गया अल्ट्रासाउंड
अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह से प्रीति की कमर में तेज दर्द शुरू हुआ. दर्द लगातार बढ़ने पर पति कन्हैया उन्हें इलाज के लिए स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर गए. चिकित्सक ने बेहतर जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट सामने आने के बाद पति-पत्नी दोनों के होश उड़ गए. कन्हैया के मुताबिक, रिपोर्ट में प्रीति के तीन महीने की गर्भवती होने की बात सामने आई. इसके बाद उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि जब करीब एक साल पहले नसबंदी हो चुकी थी, तो गर्भधारण कैसे हुआ. दंपती ने आर्थिक स्थिति को देखते हुए दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन का फैसला लिया था. अब अचानक गर्भधारण की जानकारी मिलने से उनकी चिंता बढ़ गई है. दंपती इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से न्याय की गुहार लगा रहा है. साथ ही वह नसबंदी की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठा रहा है.
CHC प्रभारी ने बताई ऑपरेशन की जानकारी
इस मामले में नौतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर अमरेश कुमार से बात की गई. उन्होंने बताया कि 25 मार्च 2025 को नौतन CHC में प्रीति का बंध्याकरण किया गया था. यह ऑपरेशन बेतिया के कमलनाथ नगर स्थित डॉ. सरोज वर्मा नर्सिंग होम की महिला चिकित्सक डॉ. आकांक्षा वर्मा ने किया था. CHC प्रभारी के मुताबिक, नसबंदी की प्रक्रिया पूरी की गई थी. ऑपरेशन के बाद महिला स्वस्थ और सुरक्षित थीं. उस समय किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि नसबंदी के बाद महिला के गर्भवती होने की स्थिति सामने आएगी. अब अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला चर्चा में है.
नसबंदी करने वाली डॉक्टर ने क्या कहा?
इस मामले पर नसबंदी करने वाली डॉक्टर डॉ. आकांक्षा वर्मा का भी पक्ष सामने आया है. उनका कहना है कि नसबंदी के बाद गर्भधारण के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं. आमतौर पर बंध्याकरण के बाद गर्भधारण की संभावना बहुत कम होती है. हालांकि कुछ मामलों में ऐसी स्थिति सामने आ सकती है. डॉक्टर के मुताबिक, प्रीति का मामला भी इसी तरह का हो सकता है. उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में सरकार की ओर से मुआवजे का प्रावधान है. पीड़ित को करीब 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है. हालांकि इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है. अब इस मामले में आगे की जांच और प्रक्रिया के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.