गाजीपुर की सैदपुर तहसील में फरियादियों और वकीलों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पीने के लिए स्वच्छ पानी तक नहीं उपलब्ध

गाजीपुर की सैदपुर तहसील में फरियादियों और वकीलों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पीने के लिए स्वच्छ पानी तक नहीं उपलब्ध


Last Updated:

Ghazipur News: सैदपुर तहसील में न्याय की आस लेकर आने वाले फरियादियों और वकीलों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रशासनिक दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि तहसील परिसर में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. तहसील में वकीलों और क्लाइंट्स के बैठने के लिए पक्की व्यवस्था तक नहीं है. एडवोकेट राजेश सिंह ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले 7-8 सालों से यहां अधिवक्ता और दूर-दूर से आने वाले क्लाइंट्स टीन-शेड और खांप के टेंट के नीचे बैठने को मजबूर हैं

ख़बरें फटाफट

गाजीपुरः सैदपुर तहसील में न्याय की आस लेकर आने वाले फरियादियों और वकीलों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रशासनिक दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि तहसील परिसर में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. तहसील में वकीलों और क्लाइंट्स के बैठने के लिए पक्की व्यवस्था तक नहीं है. एडवोकेट राजेश सिंह ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले 7-8 सालों से यहां अधिवक्ता और दूर-दूर से आने वाले क्लाइंट्स टीन-शेड और खांप के टेंट के नीचे बैठने को मजबूर हैं. बरसात के दिनों में यहाँ स्थिति और भी नारकीय हो जाती है.

परिसर में पीने के पानी के लिए नहीं है कोई अच्छा इंतजाम

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि परिसर में पीने के लिए एक बूंद शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं है. कोई हैंडपंप या पानी की टंकी शासकीय स्तर पर नहीं लगाई गई है. नल के पानी में आयरन की मात्रा इतनी अधिक है कि वह पूरी तरह पीने योग्य नहीं है. हालात यह हैं कि वकीलों और आम जनता को अपनी प्यास बुझाने के लिए रोजाना 20 रुपए का पानी का डिब्बा खरीदकर काम चलाना पड़ता है. अधिवक्ताओं का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से वार्ता की गई और जिलाधिकारी तक बात पहुँचाई गई, लेकिन 8 साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी है. जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और अधिकारियों की सुस्ती के चलते सैदपुर तहसील में न्याय की उम्मीद लेकर आने वाले लोग बुनियादी हक के लिए भी संघर्ष कर रहे है.

अधिवक्ता बोले- कब मिलेगा स्थायी समाधान?

अधिवक्ताओं का कहना है कि सैदपुर तहसील में रोज बड़ी संख्या में लोग अपने मुकदमों और जरूरी काम के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा का पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी है. न्यायालय में इस तरह की व्यवस्थाओं को लेकर अधिवक्ताओं में रोस भी रहता है.



Source link