‘लड़कियों से डांस करा रहे’: ABVP ने राहुल गांधी को घेरा, छात्रों की आड़ में ‘उग्र भीड़’ तैयार करने की साजिश

‘लड़कियों से डांस करा रहे’: ABVP ने राहुल गांधी को घेरा, छात्रों की आड़ में ‘उग्र भीड़’ तैयार करने की साजिश


कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने राहुल गांधी पर छात्रों की आड़ में खतरनाक राजनीतिक एजेंडा चलाने का गंभीर आरोप लगाया है. पीटीआई को दिए एक वीडियो इंटरव्यू में एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने दावा किया कि राहुल गांधी अपने सियासी कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के लिए पैसे बांट रहे हैं और मंचों पर लड़कियों से डांस करा रहे हैं.

डॉ. सोलंकी ने राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह देश की संसद में नेता प्रतिपक्ष हैं, कोई छात्र नहीं. उन्होंने दो टूक कहा कि छात्रों के मुद्दे उठाने का हक खुद छात्रों का है, किसी राजनीतिक दल का नहीं. एबीवीपी नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को असल समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, बल्कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए ‘छात्रों की उग्र भीड़’ (मॉब) तैयार करने पर लगा हुआ है.

सोलंकी ने कहा, “राहुल गांधी कोई छात्र नहीं हैं. वह संसद में विपक्ष के नेता हैं. ‘छात्रों की गूंज’ के नाम पर वह कहते हैं कि वह छात्रों की आवाज उठा रहे हैं. छात्रों की आवाज तो छात्रों को ही उठानी चाहिए.” एमबीबीएस ग्रेजुएट सोलंकी ने आगे कहा, “उन्हें छात्रों की भीड़ में दिलचस्पी है.” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए छात्र राजनीति में घुसने और राजनीतिक मकसद के लिए छात्रों और युवाओं को एकजुट करने की कोशिश कर रही थी.

उन्होंने सवाल किया, “वे एक राजनीतिक पार्टी हैं, फिर भी छात्र राजनीति में आ रहे हैं. और इन ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों में वे क्या कर रहे हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों में गंभीरता की कमी थी और भीड़ जुटाने के लिए इन्हें मनोरंजन के कार्यक्रमों में बदल दिया गया था. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इसे कॉन्सर्ट में बदल देना गंभीरता की कमी को दिखाता है. वे भीड़ जुटाने के लिए लड़कियों से डांस करवा रहे हैं और स्टैंड-अप कॉमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट को बुला रहे हैं.”

सोलंकी ने कहा, “अगर आप छात्रों के मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, तो गंभीरता होनी चाहिए. आपको छात्रों की बात सुननी चाहिए. आप वहां कॉन्सर्ट की तरह नहीं जा सकते और स्टैंड-अप कॉमेडियन या मिमिक्री आर्टिस्ट को नहीं बुला सकते.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे ही एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करने और एक बुज़ुर्ग महिला के साथ उनकी बातचीत का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई.

सोलंकी ने कहा, “वे सिर्फ़ प्रधानमंत्री का मज़ाक नहीं उड़ा रहे हैं; वे उस भावना का मज़ाक उड़ा रहे हैं जिसके साथ उन्होंने बुज़ुर्ग महिला से बात की थी.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि यह असंवेदनशील है.” ABVP नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और NSUI ने “लगातार ऐसा व्यवहार किया है”, और दावा किया कि उन्होंने भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और महिलाओं के प्रति असंवेदनशील व्यवहार किया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “छात्रों की गूंज” के बैनर तले राजनीतिक मकसद के लिए छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था.

उन्होंने कहा, “छात्रों की आवाज़ छात्रों को ही उठानी चाहिए, और ABVP ऐसा ही करता है.” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए “छात्रों की गूंज” नाम का इस्तेमाल कर रही थी. उन्होंने कहा, “अगर आप छात्रों के मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, तो गंभीरता होनी चाहिए. आपको छात्रों की बात सुननी चाहिए.” सोलंकी ने कहा, “छात्रों की आवाज़ कहाँ है? वे राजनीतिक फ़ायदे के लिए छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि इसके उलट, ABVP यूनिवर्सिटी और कॉलेज लेवल पर छात्रों के साथ काम करती है और उनकी चिंताओं को सरकार और रेगुलेटरी बॉडीज़ तक पहुंचाती है.

सोलंकी ने हाल ही में हुए DUSU चुनावों का उदाहरण दिया, जिसमें उनके संगठन ने चार में से तीन सीटें जीतीं, जो छात्रों के बीच उनके समर्थन का सबूत है. वाइस प्रेसिडेंट का पद एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीता, जबकि कांग्रेस समर्थित NSUI चार में से कोई भी सीट नहीं जीत पाई. उन्होंने कहा, “युवाओं ने उनकी (कांग्रेस) पार्टी को नकार दिया है. पंजाब यूनिवर्सिटी के चुनाव देखिए, ABVP जीती. DUSU चुनाव देखिए, NSUI का सफाया हो गया. छात्र NSUI या कांग्रेस की विचारधारा और काम करने के तरीके के साथ नहीं जा रहे हैं. वे हमारी तरफ आ रहे हैं.”

सोलंकी ने यह भी दावा किया कि गांधी के कार्यक्रमों के लिए छात्रों को पैसे का लालच देकर इकट्ठा किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “जहां तक ​​इतनी बड़ी भीड़ की बात है, तो मैं आपको बता दूं कि हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कार्यक्रम हुआ था. पूरे मध्य प्रदेश से छात्रों को लाया गया था. लोगों को पैसे दिए गए, अच्छी-खासी रकम दी गई और नेताओं को छात्रों को लाने का टारगेट दिया गया. छात्र खुद से उस तरह उनके पास नहीं आ रहे हैं.” 19 सितंबर को, राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन के तहत इंदौर में हजारों छात्रों को संबोधित किया.

सोलंकी ने कहा कि ABVP लगातार UGC, AICTE, NTA और NCERT जैसी संस्थाओं के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाती रही है, साथ ही फेलोशिप और स्कॉलरशिप से जुड़ी चिंताओं को भी उठाती रही है. उन्होंने कहा, “छात्रों की आवाज़ उठाने का मतलब है उनके मुद्दों को समाधान की ओर ले जाना. ABVP वही कर रही है.” सोलंकी ने आगे कहा, “हम छात्र मुद्दों का राजनीतिकरण करने, अव्यवस्था फैलाने या छात्रों को गुमराह करने की कोशिश नहीं करते हैं. यह हमारा एजेंडा नहीं है.”

‘छात्रों की गूंज’ छात्रों तक पहुंचने का एक कैंपेन है जिसे गांधी ने प्रश्न पत्र लीक, शिक्षा की महंगी लागत, सरकारी भर्ती में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्ताधारी BJP को घेरने की कोशिश के तौर पर शुरू किया था. अब तक गांधी के नेतृत्व में इस कार्यक्रम के चार संस्करण हो चुके हैं – कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में.



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