छठ पूजा पर बॉलीवुड की वो पहली फिल्म, जब पर्दे पर सजे थे सूप-नारियल, उषा मंगेशकर ने गाया था गीत

छठ पूजा पर बॉलीवुड की वो पहली फिल्म, जब पर्दे पर सजे थे सूप-नारियल, उषा मंगेशकर ने गाया था गीत


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आज भले ही बड़े बजट की फिल्मों में आधुनिक तकनीक और भव्य सेट के साथ छठ पूजा दिखाई जा रही हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा और बड़े पर्दे पर सबसे पहली बार छठ पूजा का व्रत और अनुष्ठान कब दिखाया गया था? बॉलीवुड के इतिहास में पहली बार छठ पूजा का व्रत आप ‘द वन’ या ‘ये प्रेम मोल लिया’ में नहीं बल्कि 65 साल पहले ही आ चुका है.

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1961 में ये फिल्म आई थी.

नई दिल्ली. छठ पूजा इन दिनों एक बार फिर हिंदी सिनेमा के केंद्र में है. सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की आने वाली फिल्म ‘द वन’ में ‘छठी मैया’ गीत के जरिए बिहार के इस महापर्व को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है. वहीं, सूरज आर. बड़जात्या की ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान खुराना और शरवरी भी छठ पूजा करते नजर आ रहे हैं. यानी एक तरफ तमन्ना और सिद्धार्थ की जोड़ी छठ की आस्था से जुड़ी कहानी लेकर आ रही है तो दूसरी ओर आयुष्मान-शरवरी की फिल्म में भी इस पर्व की झलक देखने को मिल रही है. लेकिन छठ को बड़े पर्दे पर देखने की यह कहानी आज से शुरू नहीं हुई. करीब 65 साल पहले, 1961 में आई एक फिल्म ने इस पर्व को सिनेमा की दुनिया में जगह दी थी. नाम था ‘भैया’.

भारतीय सिनेमा में हमेशा से ही देश की समृद्ध संस्कृति, लोक-परंपराओं और त्योहारों को बड़े पर्दे पर खूबसूरती से पिरोया जाता रहा है. 1961 में आई फिल्म ‘भैया’ का निर्देशन मशहूर निर्देशक फानी मजूमदार ने किया था. इसे ‘नालंदा चित्र प्रतिष्ठान’ के बैनर तले बनाया गया था. बॉलीवुड में पहली बार इसी फिल्म में छठ महापर्व को पर्दे पर उतारा गया था.

1961 में पर्दे पर आई थी फिल्म

‘भैया’ मुख्य रूप से मगही भाषा की फिल्म थी. इसकी भाषा सरल रखी गई थी, जिसकी वजह से हिंदी भाषी दर्शकों के लिए भी इसे समझना आसान था. फिल्म में तरुण बोस, विजय चौधरी, पद्मा खन्ना, हेलेन, शुभा खोटे, अचला सचदेव और रामायण तिवारी जैसे कलाकार नजर आए थे. फिल्म ‘भैया’ की सबसे खास बातों में से एक इसका छठ पूजा का भावपूर्ण गीत ‘सूपवे नरियरवे बजली मूरी मइया’ था.

उषा मंगेशकर की आवाज में छठ गीत

इस गीत को लता मंगेशकर की बहन उषा मंगेशकर ने गया था. गीत का संगीत चित्रगुप्त ने तैयार किया था. उन्होंने अपनी धुन के जरिए छठ पूजा की शांति और भक्ति को खूबसूरती से पेश किया. इसके बोल विद्यावशिनी देवी और प्रेम धवन ने लिखे थे. गीत में भक्ति के साथ अपनी मिट्टी और परंपरा से जुड़ाव भी महसूस होता है. आज छह दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह गीत छठ पूजा के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुनाई देता है. इसके बोल और धुन लोगों को अपनी जड़ों, पूर्वजों और सूर्य देव के प्रति आस्था की याद दिलाते हैं.

‘भैया’ ने बदली फिल्मों में कहानियां दिखाने की सोच

‘भैया’ उस दौर में आई थी, जब मुख्यधारा की फिल्मों में क्षेत्रीय कहानियों और स्थानीय परंपराओं को ज्यादा जगह नहीं मिलती थी. फिल्म ने छठ पूजा और गांव की जिंदगी को कहानी का हिस्सा बनाकर एक अलग मिसाल पेश की. इसने दिखाया कि दर्शक अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी कहानियां भी पसंद करते हैं, अगर उन्हें सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ दिखाया जाए. फिल्म ने यह भी साबित किया कि सिनेमा अलग-अलग इलाकों की संस्कृति को एक-दूसरे तक पहुंचाने का जरिया बन सकता है. इसके बाद कई फिल्मों में गांव, परिवार, लोक परंपराओं और धार्मिक त्योहारों को कहानियों में जगह मिली. ‘नदिया के पार’ और ‘लागी नाहीं छूटे रामा’ जैसी फिल्मों में भी ग्रामीण जीवन और पारिवारिक रिश्तों को प्रमुखता दी गई.

अब फिर बड़े पर्दे पर छठ

आज छठ का स्वरूप और भी बड़े स्तर पर हिंदी फिल्मों में दिखाई दे रहा है. ‘द वन’ में तमन्ना भाटिया का किरदार छठ पूजा करता नजर आता है और फिल्म के लिए खास तौर पर ‘छठी मैया’ गीत भी रिलीज किया गया है. तमन्ना ने फिल्म के इस हिस्से की शूटिंग के दौरान छठ की परंपराओं को समझने और इसे महसूस करने के अपने अनुभव के बारे में भी बात की है. फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. दूसरी तरफ ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान खुराना और शरवरी की जोड़ी के साथ छठ का सीन सामने आया है. 21 सितंबर को रिलीज हुए फिल्म के टाइटल ट्रैक में शादी और पारिवारिक रस्मों के साथ छठ पूजा की झलक भी दिखाई गई. सूरज बड़जात्या की यह फिल्म 27 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में आने वाली है.



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