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Ballia News: बलिया की बेटियां कराटे का प्रशिक्षण ले रही है. उन्हें मुफ्त में कराटा सिखाया जा रहा है. उन बच्चियों को अंजलि सिंह हुनर सिखा रही है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाकर अब अपने जिले की बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रही है. उन्हें आत्मनिर्भर और मेडलिस्ट बना रही हैं.
बलिया: आज हम आपको बलिया जनपद कि एक ऐसी बेटी के बारे में बताने और दिखाने जा रहे हैं. जिसने कराटे की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई है. उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है. अब वे दूसरी बेटियों के सपनों को भी उड़ान दे रही है. उनकी यह पहल न केवल कराटे तक सीमित है, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर के साथ आत्मविश्वासी बनाने की भी प्रेरणा दे रही है. अभी तक इन्होंने 35 बेटियों को भी मेडलिस्ट बना चुकी हैं.
बलिया निवासी अंजली सिंह ने कहा कि, 2004-05 से उनके पिता द्वारा शॉर्ट ट्रेनिंग्स मिली और प्रोफेशनल ट्रेनिंग 2011 से शुरू हुई थी. सन 2017 में इनको ब्लैक बेल्ट की उपाधि मिली. इनके गुरु बलिया के रंजन श्रीवास्तव थे. इसके बाद से अंजलि खिलाड़ी कम और प्रशिक्षक के टूर पर ज़्यादा काम किया है. कैस्टलब्रिज स्कूल में भी चार साल तक ट्रेनिंग दी. इसके बाद स्कूल शिफ्ट होने के बाद फिर बलिया आई और महिला कल्याण विभाग से जुड़ करके विभागीय तौर से बच्चियों, बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करने का काम किया.
कई जगह दर्ज कर चुकी है जीत
उन्होंने जिला से लेकर प्रदेश, राष्ट्रीय और एक ओपन इंटरनेशनल भी कराटा खेला और जीत दर्द की. जब अंजलि मात्र 17 साल की थी, तो उस समय ट्रेनिंग देने लगी थी. क्योंकि उस समय बलिया में महिलाएं नहीं थीं. आज तो कराटे मार्शल आर्ट्स में महिलाएं बहुत सक्रिय हैं. लेकिन जब अंजली सीखती थी, तो उस समय रंजन श्रीवास्तव के पास सिर्फ यही ट्रेनिंग लेती थी, बाकी कोई लड़की इस कराटे से जुड़ी हुई नहीं थी. अंजली ट्रेनर भी है. वे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बलिया में छात्राओं को कराटा सिखा रही है.
सुरक्षा के लिए कराटे जरूरी
कहा कि, वे इसी सरकारी इंटर कॉलेज में 10 वीं और 12 वीं की छात्रा थी. वर्तमान में उन्होंने करीब 35 बेटियों को भी मेडलिस्ट बना दिया है. प्रधानाचार्या रंजनी श्रीवास्तव ने कहा कि, अंजली यहां की छात्रा रही है. इसने कराटे के कार्यक्रम के जरिए अच्छी पहल और खुद भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इसने महिलाओं और बच्चियों को खूब आत्मनिर्भर बनाया है और यह जरूरी भी है कि हम कैसे अपनी सुरक्षा कर सकते हैं? क्योंकि अगर कोई भी हेल्प हम लेते हैं तो उसको मिलने में थोड़ा तो टाइम लग जाता है। पर तुरंत अपनी सुरक्षा के लिए ये कराटे एक बहुत ही अच्छा कदम है.