क्या आपने देखा नर्मदा के बीच बना देश का इकलौता नैचुरल ट्रैक? यहां चल रही चैंपियन बनने की जंग

क्या आपने देखा नर्मदा के बीच बना देश का इकलौता नैचुरल ट्रैक? यहां चल रही चैंपियन बनने की जंग


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Narmada Sahastradhara Canoe Slalom: महेश्वर में इन दिनों नर्मदा की लहरों के बीच रोमांचक नजारा देखने को मिल रहा है. देशभर से आए 27 खिलाड़ी तेज बहाव में चप्पू के सहारे नाव चलाने का हुनर सीख रहे हैं. घंटों प्रैक्टिस में खिलाड़ी अपनी तकनीक और फिटनेस सुधार रहे हैं. खास बात यह है कि यहां भारत का एकमात्र प्राकृतिक कैनो स्लालम नेशनल ट्रैक मौजूद है, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं होती है.

मध्य प्रदेश के खरगोन की ऐतिहासिक नगरी महेश्वर में इन दिनों नर्मदा की लहरों के बीच रोमांचक नजारा देखने को मिल रहा है. यहां सहस्त्रधारा के तेज बहाव में हाथों में चप्पू लेकर खिलाड़ी अपनी नाव दौड़ाते नजर आ रहे हैं. ठंडे पानी में जहां लोग उतरने से बच रहे हैं, वहीं ये खिलाड़ी घंटों तक पानी में रहकर अपनी प्रतिभा और हुनर को निखार रहे हैं.

महेश्वर के सहस्त्रधारा क्षेत्र में मध्यप्रदेश खेल अकादमी के तत्वावधान में कैनो स्लालम खिलाड़ियों का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है. इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 27 लड़के और लड़कियां हिस्सा ले रहे हैं. खिलाड़ी नर्मदा के प्राकृतिक ट्रैक पर रोजाना जमकर पसीना बहा रहे हैं.

इस खेल में खिलाड़ियों को तेज बहाव वाली पानी की धाराओं के बीच नाव को नियंत्रित करना होता है. हाथों में चप्पू लेकर पानी की लहरों को चीरते हुए निर्धारित रास्ते से नाव निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है. इसके लिए खिलाड़ियों को संतुलन, गति और सही दिशा का विशेष अभ्यास कराया जाता है.

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खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए नेशनल कोच देवेंद्र गुप्ता और महिला कोच चंपा मौर्य मौजूद हैं. दोनों कोच खिलाड़ियों की तकनीक से लेकर उनकी शारीरिक क्षमता तक पर काम कर रहे हैं. सुबह और शाम करीब तीन-तीन घंटे अभ्यास कराया जा रहा है. आगामी प्रतियोगिताओं को देखते हुए खिलाड़ियों में खासा उत्साह है.

सहस्त्रधारा की सबसे बड़ी खासियत यहां का प्राकृतिक नेशनल ट्रैक है. महेश्वर से करीब 5 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के बीच स्थित इस ट्रैक तक पहुंचने के लिए नाव या बोट का सहारा लेना पड़ता है. यहां तेज बहाव वाले व्हाइट वाटर के साथ शांत पानी वाले फ्लैट वाटर में भी अभ्यास की सुविधा है.

बता दे कि, नर्मदा की लहरों के बीच बना यह भारत का एकमात्र प्राकृतिक कैनो स्लालम ट्रैक है. वर्ष 2016 के बाद से यह स्थान राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है. बीते वर्षों में यहां कई बड़े खेल आयोजन हो चुके हैं.

सहस्त्रधारा अब तक कैनो स्लालम की 9 इंटरनेशनल चैंपियनशिप की मेजबानी कर चुका है. यहां अभ्यास करने वाले कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर क्षेत्र और देश का नाम रोशन किया है. यही वजह है कि देशभर के खिलाड़ियों के लिए यह ट्रैक खास आकर्षण रखता है.

यहां सिर्फ कैनो स्लालम ही नहीं, बल्कि कयाकिंग और कैनोइंग की दूसरी विधाओं के लिए भी अभ्यास कराया जाता है. ऐतिहासिक किले के सामने नर्मदा के शांत पानी में सेलिंग, रोइंग और स्प्रिंट जैसी प्रतियोगिताओं की तैयारी होती है. इस तरह महेश्वर जल क्रीड़ा के अलग-अलग खेलों का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है.

अब खिलाड़ियों की नजर सहस्त्रधारा में होने वाली आगामी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं पर है. इसके लिए फ्लैट वाटर और व्हाइट वाटर दोनों में लगातार अभ्यास कराया जा रहा है. नर्मदा की तेज एवं शांत लहरों के बीच नाव चलाते इन खिलाड़ियों का रोमांचक अंदाज इन दिनों पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.



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