क्रिस्‍ट‍ियानो रोनाल्‍डो की क‍ितनी है नेटवर्थ? फॉर्म, फिटनेस और कमाई के मामले में हैं दुनिया के नंबर-1 एथलीट

क्रिस्‍ट‍ियानो रोनाल्‍डो की क‍ितनी है नेटवर्थ? फॉर्म, फिटनेस और कमाई के मामले में हैं दुनिया के नंबर-1 एथलीट


नई द‍िल्‍ली. दुनिया के खेल इतिहास में कुछ ही ऐसे नाम होते हैं जो सीमाओं, पीढ़ियों और रिकॉर्ड्स की सीमाओं को पार कर इत‍िहास के सुनहरे पन्‍नों में दर्ज हो जाते हैं. क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक ऐसा ही नाम हैं. फुटबॉल जगत में ‘सीआर7’ के नाम से मशहूर इस महान पुर्तगाली खिलाड़ी ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है. रोनाल्डो मॉडर्न फुटबॉल के ऐसे दिग्गज हैं जिनकी कुल नेटवर्थ 1 बिलियन डॉलर (करीब 9,530 करोड़) से ज्‍यादा है. खेल की दुनिया में यह मुकाम हासिल करने वाले वह दुनिया के चुनिंदा एथलीट्स में से एक हैं.

फोर्ब्स के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ल्ड कप में खेलने वाले टॉप 11 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले पिछले 12 महीनों में कुल 950 मिलियन डॉलर (लगभग ₹9,050 करोड़) की कमाई की. इसमें नाइकी के साथ उनका ऐतिहासिक 10 साल का करार (जिसकी वार्षिक कीमत लगभग 18 मिलियन डॉलर या 159 करोड़ रुपये है) और अरमानी, कैस्ट्राल जैसे दिग्गज ब्रांड्स के साथ साझेदारियां शामिल हैं, जिन्होंने उनकी संपत्ति में 175 मिलियन डॉलर से अधिक का योगदान दिया है.

दुनिया के सबसे महंगे खिलाड़ी और बेजोड़ कमाई
इस पड़ाव पर भी क्रिस्‍ट‍ियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) अपनी फॉर्म, फिटनेस और कमाई के मामले में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी बने हुए हैं. पिछले एक साल में उनकी अनुमानित कमाई चौंका देने वाली 300 मिलियन डॉलर (करीब 2858.25 करोड़) रही है. इस कुल कमाई में से 3191.71 करोड़ (235 मिलियन डॉलर) उन्हें सऊदी अरब के क्लब अल-नासर के लिए मैदान पर खेल, सैलरी और बोनस के रूप में मिले, जबकि 619.38 करोड़ (65 मिलियन डॉलर) एंडोर्समेंट और अन्य बिजनेस वेंचर्स से आए. सऊदी प्रो लीग में अल-नासर को खिताब जिताने वाले रोनाल्डो आज भी दुनिया के उन चुनिंदा 4 एक्टिव एथलीट्स में शुमार हैं, जिनकी नेटवर्थ 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा है.

दो दशक से अधिक का लंबा और स्वर्णिम सफर
रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत 20 अगस्त 2003 को कजाकिस्तान के खिलाफ एक युवा, दुबले-पतले 18 साल के लड़के के रूप में हुई थी. इसके बाद के 23 वर्षों में उन्होंने पुर्तगाल के लिए कुल 234 मैच खेले और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास में सबसे ज्यादा 146 गोल दागे. उनके नाम 46 शानदार असिस्ट (गोल में मदद करने वाला आखिरी पास) भी दर्ज हैं. उन्होंने 2006 में जर्मनी में अपना पहला वर्ल्ड कप खेला था. इसके बाद 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के टूर्नामेंट्स में भी वह पुर्तगाल की टीम का अहम हिस्सा रहे. लगातार 6 वर्ल्ड कप खेलने वाले वह दुनिया के पहले और इकलौते खिलाड़ी बने. 2026 के वर्ल्ड कप में उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोल दागकर उन्होंने यह अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया. हालांकि, उनके शानदार करियर में एक टीस हमेशा रहेगी, वह है वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का अधूरा सपना. पुर्तगाल के लिए उनका सबसे अच्छा वर्ल्ड कप प्रदर्शन 2006 में रहा था, जब टीम सेमीफाइनल तक पहुंची और चौथे स्थान पर रही थी.

वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की ल‍िस्‍ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 34 मुकाबलों के साथ पहले स्थान पर हैं, जबकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो 27 मैचों के साथ दूसरे पायदान पर मजबूती से काबिज हैं. रोनाल्डो का 27 मैचों का यह वर्ल्ड कप सफर साल-दर-साल बेहद रोमांचक रहा है. उन्होंने साल 2006 में अपने पहले ही वर्ल्ड कप के दौरान 6 मैच खेले और पुर्तगाल को चौथे स्थान तक पहुंचाया. इसके बाद 2010 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 4 मैच खेलते हुए टीम को अंतिम-16 तक का सफर तय कराया. साल 2014 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 3 मैच खेले, हालांकि उस बार टीम ग्रुप-स्टेज़ से ही बाहर हो गई थी. इसके बाद 2018 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 4 मैच खेलते हुए पुर्तगाल को फिर से अंतिम-16 तक पहुंचाया. साल 2022 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 5 मैच खेले और टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, जबकि अपने आखिरी 2026 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 5 मैच खेलते हुए एक बार फिर पुर्तगाल को अंतिम-16 में पहुंचाया.

ऐतिहासिक उपलब्धियां और अंत में अनबन के साए
भले ही वर्ल्ड कप की ट्रॉफी रोनाल्डो की झोली में न आई हो, लेकिन उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2016 का यूरो कप खिताब स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. यूरोप की राष्ट्रीय टीमों के सबसे बड़े इस टूर्नामेंट के फाइनल में पुर्तगाल ने फ्रांस को 1-0 हराकर पहली बार यह ऐतिहासिक ट्रॉफी उठाई थी. इसके अलावा, उनकी ही कप्तानी में पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में यूएएफा नेशंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया.

संन्यास के इस बड़े फैसले से कुछ हफ्ते पहले पुर्तगाल के कैंप में कुछ आंतरिक विवाद भी सामने आए थे. सितंबर में वह अचानक ट्रेनिंग कैंप छोड़कर चले गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी वजह कोच जॉर्ज जीसस के साथ खेलने के समय को लेकर हुआ मतभेद था. रोनाल्डो का मानना था कि नॉर्वे के खिलाफ मैच में कोच ने उन्हें खिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन वह पूरे मुकाबले में बेंच पर बैठे रहे. इसके बाद डेनमार्क के खिलाफ शुरुआती ग्यारह में जगह न मिलने की बात ने भी इस दूरियों को बढ़ाया.



Source link