धनतेरस पर करें मां लक्ष्मी, कुबेर और भगवान धन्वंतरि के इन मंत्रों का जाप, घर में सुख-समृद्धि की करें कामना

धनतेरस पर करें मां लक्ष्मी, कुबेर और भगवान धन्वंतरि के इन मंत्रों का जाप, घर में सुख-समृद्धि की करें कामना


Dhanteras 2026 Mantra: धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के लिए खास माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और देवी-देवताओं के मंत्रों का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. धनतेरस पर लोग सोना-चांदी, बर्तन और दूसरी शुभ चीजों की खरीदारी भी करते हैं. लेकिन पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना भी इस पर्व का एक खास हिस्सा है.

अगर आप भी इस धनतेरस पर पूजा की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां जानिए माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि के कुछ प्रचलित मंत्र, जिनका जाप श्रद्धा के साथ किया जा सकता है.

धनतेरस पर क्यों किया जाता है तीनों देवी-देवताओं का पूजन?
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का अलग-अलग महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान धन्वंतरि आरोग्य यानी अच्छे स्वास्थ्य के देवता हैं. माता लक्ष्मी को धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है, जबकि भगवान कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष और धन के रक्षक माने जाते हैं.

इसी वजह से धनतेरस की पूजा में इन तीनों देवी-देवताओं को विशेष स्थान दिया जाता है. इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन पूजा के दौरान अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.

1. धनतेरस पर माता लक्ष्मी के मंत्र
धनतेरस पर माता लक्ष्मी की पूजा करके घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है. पूजा के दौरान आप माता लक्ष्मी के इन प्रचलित मंत्रों का जाप कर सकते हैं.

माता लक्ष्मी का सरल मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

महालक्ष्मी गायत्री मंत्र

ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि. तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

मंत्र का अर्थ: हम माता महालक्ष्मी को जानते हैं और भगवान विष्णु की पत्नी का ध्यान करते हैं. माता लक्ष्मी हमें सही रास्ते पर चलने और अच्छी सोच रखने की प्रेरणा दें.

इन मंत्रों का जाप करते समय माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और फूल अर्पित करें.

2. भगवान कुबेर के मंत्र
धनतेरस पर भगवान कुबेर की पूजा भी खास मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि कुबेर देव की पूजा करने से धन की रक्षा और घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना की जाती है.

भगवान कुबेर का सरल मंत्र

ॐ कुबेराय नमः॥

कुबेर देव का प्रचलित मंत्र

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये.

धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

मंत्र का अर्थ: हे भगवान कुबेर, आप धन और अनाज के अधिपति हैं. हमें धन-धान्य और समृद्धि प्रदान करें.

कुबेर देव का आवाहन मंत्र

आवाहयामि देव त्वामिहायाहि कृपां कुरु.

कोशं वर्द्धय नित्यं त्वं परिरक्ष सुरेश्वर॥

मंत्र का अर्थ: हे देव, मैं आपका आवाहन करता हूं. कृपया यहां पधारें और हम पर कृपा करें. हमारे धन की रक्षा करें और हमारे कोष में वृद्धि करें.

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3. भगवान धन्वंतरि के मंत्र

धनतेरस को भगवान धन्वंतरि की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, वे आयुर्वेद और आरोग्य के देवता हैं. इस दिन उनकी पूजा करके परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की जाती है.

भगवान धन्वंतरि का सरल मंत्र

ॐ धन्वन्तरये नमः॥

भगवान धन्वंतरि का प्रचलित मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः॥

मंत्र का अर्थ: भगवान धन्वंतरि को नमन है, जिनके हाथों में अमृत कलश है. वे सभी रोगों को दूर करने वाले और तीनों लोकों के स्वामी भगवान विष्णु के स्वरूप हैं.

इस मंत्र का जाप भगवान धन्वंतरि की पूजा करते समय कर सकते हैं. इसे स्वास्थ्य और आरोग्य की कामना से पढ़ा जाता है. हालांकि, मंत्र जाप को किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए.

धनतेरस पर मंत्र जाप करते समय इन बातों का रखें ध्यान
1. पूजा से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें.
2. पूजा स्थल को साफ करें और देवी-देवताओं के सामने दीपक जलाएं.
3. अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार मंत्रों का जाप करें.
4. मंत्रों का उच्चारण साफ और शांत मन से करें.
5. 108 बार जाप करना एक प्रचलित धार्मिक परंपरा है, लेकिन हर मंत्र के लिए इतनी संख्या अनिवार्य नहीं है.
6. पूजा के बाद परिवार के सभी लोगों के सुख, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करें.



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