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Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इसपर आज सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ आजम खान की याचिका पर सुनवाई की.
आजम खान को झटका.
नई दिल्लीः समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की. इस दौरान अदालत ने गिरफ्तारी से राहत नहीं दी गई. इससे सपा नेता को झटका लगा. शीर्ष अदालत ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट जाओ वहां सुनवाई होगी.
यह है मामला
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई की. बता दें कि आजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया है. अदालत ने उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया था.
16 नवंबर को होगी सुनवाई
इसी के खिलाफ आजम खान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. मगर उन्हें वहां से भी निराशा हाथ लगी. अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए साफ मना कर दिया. कहा कि याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई करे. हाईकोर्ट को 16 नवंबर को सुनवाई के निर्देश दिए हैं. इससे स्पष्ट है कि आजम फिलहाल जेल में ही रहेंगे.
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है केस
इससे पहले शनिवार को ईडी ने आजम खान को गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित 426.46 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और इमारतों की अस्थायी कुर्की के बाद हुई थी. यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है. ईडी के अनुसार, विश्वविद्यालय की संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है.
26 एफआईआर के आधार पर ईडी ने शुरू की थी जांच
ईडी ने बताया था कि रामपुर के सींगन खेड़ा गांव के जौहर नगर में स्थित विश्वविद्यालय परिसर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के स्वामित्व में है. इस ट्रस्ट की स्थापना और संचालन आजम खान करते हैं. वह संस्थान के मानद कुलाधिपति भी हैं. जांच रामपुर के अजीम नगर पुलिस थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय के लिए किसानों की कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित की गई थी.