US Midterm Chunav Result: 2 महीने ‘सुस्‍त बतखों’ के हवाले रहेगी अमेरिकी संसद, आखिर 3 जनवरी को ही क्‍यों शपथ लेंगे जीते हुए कैंड‍िडेट?

US Midterm Chunav Result: 2 महीने ‘सुस्‍त बतखों’ के हवाले रहेगी अमेरिकी संसद, आखिर 3 जनवरी को ही क्‍यों शपथ लेंगे जीते हुए कैंड‍िडेट?


Last Updated:

नवंबर में हुए चुनावों के लगभग 2 महीने बाद नए चुने गए सासंद शपथ ले सकेंगे. क्‍योंकि अमेरिका में नए सांसदों का कार्यकाल 3 जनवरी से ही शुरू होता है. तब तक संसद ‘लेम डक सेशन’ में रहेगी और इसे हारे हुए सांसद ही चलाऐगे. हालांकि इस 3 जनवरी से पहले अमेरिकी संव‍िधान में ये तारीख 4 मार्च हुआ करती थी. यानी चुनाव होने के 4 महीने बाद. जानें क्‍यों था ऐसा न‍ियम.

Zoom

आखिर 3 जनवरी को ही क्‍यों शपथ लेंगे जीते हुए कैंड‍िडेट? (फोटो साभार रायटर्स)

अमेरिकी म‍िडटर्म चुनावों में जनता ने ‘ब्‍लू सुनामी’ की कुछ ऐसी रफ्तार दिखाई कि सीनेट और हाउस ऑफ र‍िप्रेजेंटेटिव्‍य में डोनाल्‍ड ट्रंप की पार्टी सिकुड़ कर रह गई. डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है. इन चुनावों से यह तो साफ है कि अमेरिकी जनता को ट्रंप की राजनीतिक अठखेल‍ियां ब‍िलकुल पसंद नहीं आ रही हैं. 3 नवंबर को जनता ने अपना फैसला चुन ल‍िया और कई डेमोक्रेट्स को सत्ता तक पहुंचा द‍िया. लेकिन नए चुने गए सांसदों को अपनी गद्दी और ज‍िम्‍मेदारियों तक पहुंचने में अभी 3 जनवरी, 2027 तक का इंतजार करना होगा. यानी सत्ता का स्‍वाद चखने में उन्‍हें 2 महीने लगेंगे. पर ऐसा क्‍यों? और तब तक क्‍यों ‘लेम डक’ यानी ‘सुस्‍त बतखों’ के हवाले रहने वाली है अमेर‍िकी संसद?

इस क्‍यों का जवाब म‍िलता है अमेरिकी संविधान के 20वें संशोधन में. इसमें नए अमेरिकी कांग्रेस के कार्यकाल की शुरुआत के लिए 3 जनवरी की तारीख तय की गई है. इसी दिन दोपहर 12 बजे 120वीं अमेरिकी कांग्रेस का कार्यकाल शुरू होना तय है. यानी अमेरिका में नवंबर में चुनाव और जनवरी में सत्ता का सुख ये एक तय न‍ियम है. पर आखिर ऐसा न‍ियम क्‍यों बनाया गया है, इसे समझतें हैं

3 जनवरी को ही क्यों पदभार संभालते हैं अमेरिकी सांसद?
3 जनवरी को नए सांसदों के कार्यकाल की शुरुआत का नियम 1933 में अमेरिकी संविधान के 20वें संशोधन के लागू होने के बाद आया. इससे पहले अमेरिकी सीनेटरों और प्रतिनिधियों का कार्यकाल 4 मार्च से शुरू होता था. यानी नवंबर में चुनाव होने के कई महीने बाद तक पुराने सांसद ही पद पर बने रहते थे. यानी चुनाव हारने के बाद भी इतने समय तक उनके पास कानून बनाने और दूसरे फैसले लेने की शक्तियां बनी रहती थीं, जबकि जनता अपने नए प्रतिनिधियों को चुन चुकी है. ऐसे निवर्तमान नेताओं को आमतौर पर ‘लेम डक’ कहा जाता है.

अमेरिकी जनता को ट्रंप की राजनीतिक अठखेल‍ियां ब‍िलकुल पसंद नहीं आ रही हैं.

क्‍या थी इतने लंबे इंतजार की वजह?
अमेरिका के शुरुआती दौर में चुनाव और कार्यकाल शुरू होने के बीच इतना लंबा गैप जरूरी था, क्‍योंकि उस समय नवनिर्वाचित सांसदों को वॉशिंगटन पहुंचने के लिए घोड़ा-गाड़ी से लंबी यात्रा करनी पड़ती थी. इसमें कई सप्ताह या कभी-कभी महीनों का समय लग जाता था. हालांकि अब जब पर‍िवहन के साधन इतने हैं तो इस इंतजार की कोई जरूरत ही नहीं है. दूसरी तरफ हारे हुए सांसद भी इतने महीने तक फैसले ले सकते थे.

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code

login



Source link