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मशहूर बॉलीवुड सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं. हाल ही में छत्तीसगढ़ में एक प्रोग्राम के दौरान उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री में इन दिनों फैल रहे लिप-सिंकिंग के कल्चर की खुलकर आलोचना की. यह बयान ऐसे समय में आया है जब मशहूर पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी के एक लाइव कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिसमें उन पर स्टेज पर असल में गाना न गाकर लिप-सिंकिंग करने का आरोप लगा था. अभिजीत के इस बेबाक बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें वह लाइव सिंगिंग के सपोर्ट में खड़े नजर आ रहे हैं.
दलेर मेहंदी के लाइव परफॉर्मेंस विवाद के बाद बॉलीवुड गलियारों में छिड़ी नई बहस.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के प्लेबैक सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य, जो अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में छत्तीसगढ़ में एक पब्लिक इवेंट के दौरान उन्होंने लिप-सिंकिंग के बढ़ते ट्रेंड की कड़ी आलोचना की. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मशहूर पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी के एक लाइव परफॉर्मेंस को लेकर विवाद हुआ था. अपनी परफॉर्मेंस के दौरान दलेर मेहंदी पर अपनी ओरिजिनल आवाज में गाने के बजाय पहले से रिकॉर्ड किए गए ट्रैक पर लिप-सिंक करने का आरोप लगा, जिससे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इस बात पर बहस छिड़ गई कि क्या यह कॉन्सर्ट टिकट खरीदने वाले दर्शकों के साथ धोखा है.
अभिजीत भट्टाचार्य ने दिया बड़ा बयान
छत्तीसगढ़ में एक स्टेज से जनता को संबोधित करते हुए अभिजीत भट्टाचार्य ने खुलकर बात की. उन्होंने दर्शकों और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आर्टिस्ट को लाइव सिंगिंग के नाम पर स्टेज पर परफॉर्म करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. अभिजीत ने साफ-साफ कहा, ‘मैं कैसे भी गाऊं, भले ही मैं गलत गाऊं, मेरा गला खराब हो, मैं थका हुआ हूं, या मेरी पिच थोड़ी ऊपर-नीचे हो, मैं जो भी गाऊंगा, लाइव गाऊंगा.’ उनकी इस बात ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया.
ऑडियंस की मेहनत की कमाई का सम्मान
अपने भाषण में अभिजीत भट्टाचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि म्यूजिक लवर्स और ऑडियंस का आर्टिस्ट्स पर पक्का भरोसा होता है. ऑडियंस अपनी मेहनत की कमाई और कीमती समय लाइव परफॉर्मेंस देखने में खर्च करते हैं. इसके अलावा, किसी भी इवेंट को सफल बनाने में लोकल एडमिनिस्ट्रेशन, ऑर्गनाइजर्स और स्टेज पर मेहनत करने वाले म्यूजिशियंस की बहुत ज्यादा मेहनत लगती है. इसलिए अगर कोई आर्टिस्ट स्टेज पर आता है और पहले से रिकॉर्ड किए गए गाने पर लिप-सिंक करता है, तो यह उन लोगों के साथ सरासर धोखा है जो दूर-दूर से उन्हें सुनने आए हैं. अभिजीत ने कहा कि एक आर्टिस्ट की असली परीक्षा स्टेज की चुनौतियों में होती है.
टेक्निकल मदद लेना एक बात है
आज के मॉडर्न जमाने में जहां कॉन्सर्ट्स में साउंड क्वालिटी और ऑटो-ट्यून का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, अभिजीत भट्टाचार्य जैसे पुराने सिंगर्स आज भी ट्रेडिशनल और ऑथेंटिक लाइव सिंगिंग को सबसे जरूरी मानते हैं. उनका मानना है कि टेक्निकल मदद लेना एक बात है, लेकिन बिना अपनी आवाज का इस्तेमाल किए सिर्फ स्टेज पर एक्टिंग करना इस आर्ट फॉर्म के साथ धोखा है. अभिजीत ने स्टेज पर उनके साथ आए म्यूजिशियन की टीम की तारीफ की, उनकी पीठ थपथपाई और उन्हें हमेशा असली म्यूजिक को सपोर्ट करने के लिए हिम्मत दी.