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SEBI New KYC Rules : सेबी ने भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों के लिए केवाईसी संबंधी नियमों में ढील दी है. पात्र विदेशी निवेशक भारत में आए बिना डिजिटल माध्यम से केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. इसका मकसद विदेशी निवेशकों और एनआरई के लिए भारतीय वित्तीय बाजारों में निवेश प्रक्रिया आसान बनाना है.
सेबी के नए नियम 3 दिसंबर से लागू हो जाएंगे.
नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की इच्छा रखने वाले अनिवासी भारतीयों (NRI) और विदेशी निवेशकों के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने बड़ी राहत दी है. सेबी ने भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों (PROI) के लिए ‘नो योर कस्टमर यानी केवाईसी (KYC) नियमों में ढील दी है. अब पात्र विदेशी निवेशकों को केवाईसी के लिए भारत आने की जरूरत नहीं होगी. वे अपने घर बैठे ही डिजिटल केवाईसी पूरी कर सकेंगे. यह नया नियम इसी साल 3 दिसंबर से लागू हो जाएगा.
केवाईसी नियमों में यह ढील अनिवासी भारतीयों (NRI), भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (ओसीआई) और विदेशी नागरिकों के लिए भारतीय वित्तीय बाजारों में निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दी गई है. हालांकि, एफएटीएफ के नियमों का अनुपालन नहीं करने वाले देशों में रहने वाले निवेशकों को यह सुविधा नहीं मिलेगी. नए नियमों के तहत बाजार मध्यस्थों को पात्र ग्राहकों से डिजिटल माध्यमों के जरिए केवाईसी संबंधी जानकारी और सहायक दस्तावेज स्वीकार करने की अनुमति होगी.
केवाईसी रिकॉर्ड के भी बदल दिए नियम
एक अन्य महत्वपूर्ण सुधार के तहत सेबी ने केवाईसी रिकॉर्ड को अलग-अलग बाजार मध्यस्थों के बीच इस्तेमाल करने की सुविधा भी दी है. इससे निवेशक एक मध्यस्थ के पास उपलब्ध अपने केवाईसी रिकॉर्ड का इस्तेमाल दूसरे मध्यस्थ के साथ लेनदेन के लिए भी कर सकेंगे, भले ही केवाईसी से जुड़ी सभी व्यक्तिगत जानकारियों का सत्यापन नहीं हुआ हो.
नियामक ने मध्यस्थों को किसी अन्य सेबी-पंजीकृत मध्यस्थ या किसी अन्य वित्तीय क्षेत्र के नियामक द्वारा विनियमित संस्था की ओर से किए गए केवाईसी पर भरोसा करने की भी अनुमति दी है. इसके लिए केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) या केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री में उपलब्ध रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा सकेगा. संशोधित ढांचे के तहत विदेशी निवेशकों को अपने पासपोर्ट की प्रतियां और जहां लागू हो, वहां ओसीआई कार्ड की प्रतियां जमा करनी होंगी.
विदेशी पता भी होगा स्वीकार
सेबी ने पते के प्रमाण के रूप में विदेश में रहने के पते को भी स्वीकार करने की अनुमति दी है. ग्राहकों को केवाईसी फॉर्म डिजिटल या भौतिक, दोनों में से किसी भी माध्यम से जमा करने का विकल्प मिलेगा. नमूना हस्ताक्षर भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दिए जा सकेंगे, हालांकि वीडियो आधारित व्यक्तिगत सत्यापन के दौरान उनका सत्यापन करना होगा. सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए बाजार नियामक ने वीडियो सत्यापन के दौरान एक अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य की है. साथ ही, इस प्रक्रिया का समवर्ती ऑडिट भी करना होगा.