Agency:एजेंसियां
Last Updated:
अमेरिका में पेट्रोल का औसत रेट दिल्ली से महंगा हो गया है. डीजल तो और ऊपर पहुंच चुका है. ग्लोबल सप्लाई संकट और रिफाइनिंग की कमी के कारण तेल उत्पादक देश में भी ईंधन महंगा पड़ रहा है. वहां की एनर्जी एजेंसी का कहना है कि यह संकट और बढ़ सकता है.
अमेरिका में पेट्रोल भारत से महंगा हो गया.
अमेरिका भारत समेत पूरी दुनिया में तेल बेच रहा है. लेकिन मंगलवार को तो गजब हो गया. अमेरिका में पेट्रोल की कीमत भारत से ज्यादा हो गई. अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 4.4786 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई. मौजूदा डॉलर-रुपये रेट और गैलन को लीटर में बदलें तो यह करीब 113-114 रुपये प्रति लीटर बैठता है. जबकि दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर है. यानी अमेरिका में पेट्रोल की कीमत करीब 11-12 रुपये ज्यादा है. डीजल की हालत तो और भी खराब है. अमेरिका में डीजल 6.50 डॉलर प्रति गैलन के पार जा चुका है, यानी करीब 165 रुपये प्रति लीटर, जबकि दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये पर है.
सवाल उठता है कि जिस अमेरिका के पास अपना इतना तेल है, वही देश पेट्रोल-डीजल के लिए इतना परेशान क्यों है? असल पेंच कच्चे तेल से ज्यादा रिफाइनिंग और ग्लोबल सप्लाई का है. दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और हमलों ने रिफाइनरियों और ईंधन की सप्लाई को चोट पहुंचाई है. रूस में रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों का असर पड़ा, मिडिल ईस्ट से डीजल की खेप कम हुई और चीन के एक्सपोर्ट में भी बदलाव आया. नतीजा यह हुआ कि दुनिया भर में तैयार डीजल की कमी पड़ गई. रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिकी रिफाइनरियां आठ साल के ऊंचे ऑपरेटिंग लेवल पर चल रही हैं, फिर भी स्टॉक सामान्य से नीचे है.
क्यों आई इतनी महंगाई
यानी मामला सिर्फ यह नहीं है कि अमेरिका के पास जमीन के नीचे तेल कितना है. तेल निकालना एक बात है और उसे पेट्रोल-डीजल में बदलकर सही जगह पहुंचाना दूसरी बात. अमेरिकी ऊर्जा इंफार्मेशन एजेंसी यानी EIA ने भी बताया कि ग्लोबल रिफाइनिंग में रूस, चीन और मिडिल ईस्ट से आई रुकावटों ने पेट्रोल की सप्लाई तंग कर दी है. अमेरिका के ईस्ट और वेस्ट कोस्ट को स्थानीय उत्पादन के अलावा बाहर से भी पेट्रोल मंगाना पड़ता है. EIA के मुताबिक मार्च के बाद अमेरिकी गैसोलीन इंपोर्ट पांच साल के औसत से 32 प्रतिशत नीचे रहा. उधर रिफाइनिंग मार्जिन यानी क्रूड को पेट्रोल में बदलने की लागत भी ऊंची बनी हुई है.
पहली बार 6 डॉलर प्रति गैलन पार
डीजल ने तो अमेरिका में रिकॉर्ड ही तोड़ दिया है. 21 सितंबर तक अमेरिकी रिटेल डीजल की औसत कीमत 6 डॉलर प्रति गैलन के ऊपर पहुंच चुकी थी और AAA के आंकड़े में यह करीब 6.53 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई. रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिका में रिटेल डीजल का 6 डॉलर पार करना पहली बार हुआ है. यानी यह सिर्फ भारत से तुलना वाली कहानी नहीं है, बल्कि अमेरिकी बाजार के लिए खुद एक असाधारण स्थिति है. EIA का अनुमान है कि अमेरिकी डिस्टिलेट यानी डीजल आदि का स्टॉक सितंबर में 100 मिलियन बैरल से नीचे जा सकता है और लंबे समय तक पांच साल के सामान्य स्तर से नीचे रह सकता है.
इससे पहले कब हुआ
इससे पहले मार्च 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिकी पेट्रोल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, लेकिन उस समय अमेरिकी पेट्रोल 87 रुपये प्रति लीटर था, जबकि दिल्ली में पेट्रोल करीब 95.41 रुपये था. जून 2022 में अमेरिकी पेट्रोल करीब 5 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया था. उस समय डॉलर करीब 78 रुपये के आसपास था, जिससे अमेरिकी पेट्रोल करीब 103 रुपये प्रति लीटर बैठता है. तब भारत के कई शहरों में दाम इससे नीचे थे.