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भिवानी के बहुचर्चित टीचर मनीषा हत्याकांड को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दोबारा जांच के आदेश दिए हैं. वहीं कोर्ट के इस फैसले पर परिवार ने खुशी जाहिर की है. परिवार का कहना है कि अब सीबीआई सही से जांच करेगी.
भिवानी टीचर हत्याकांड में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज.
भिवानीः हरियाणा के भिवानी की 19 वर्षीय टीचर मनीषा की मौत मिस्ट्री केस में कोर्ट द्वारा CBI की क्लोजर रिपोर्ट ख़ारिज करने पर पीडीत पिता को फिर से न्याय की उम्मीद जगी है. पिता संजय ने कहा है कि सभी तथ्यों की सही से जांच होगी, तभी बेटी को न्याय मिलेगा. बता दें कि बीते साल 11 अगस्त को ढाणी लक्ष्मण गांव निवासी 19 वर्षीय मनीषा लापता हुई थी. दो दिन बाद 13 अगस्त को सिंघानी गांव के खेत में में नहर किनारे उसका शव मिला था. शव की हालत देख ये बड़ा और घिनौना हत्याकांड लगा. जिसके बाद लंबा आंदोलन चला. 20 अगस्त को हरियाणा सरकार ने ये केस CBI को सौंपा, जिसके बाद 21 अगस्त को मनीषा के शव का अंतिम संस्कार किया गया.
कोर्ट ने खारिज की सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट
फिर CBI ने 5 सितंबर से जांच शुरू की. पर परिवार ने दो माह बाद ही जांच धीमी करने और कोई भी तथ्य सामने ना आने पर CBI की जांच पर सवाल उठाए पर जब CBI ने पंचकूला कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट सौंपी तो परिवार ने इसके खिलाफ याचिका डाली, जिसके बाद अब कोर्ट ने CBI की क्लोज़र रिपोर्ट ख़ारिज कर दोबारा से जांच के आदेश दिए हैं. कोर्ट के इस आदेश के बाद मृतका मनीषा के पिता संजय व कई लोग आज भिवानी स्वामी धर्मशाला में एकजुट हुए. पीड़ित पिता संजय ने यहां बताया कि कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट ख़ारिज कर दोबारा से जांच के आदेश दिए हैं.
अगर खाप और 36 बिरादरी का नहीं मिलता साथ तो…
उन्होंने कहा है खापें और 36 बिरादरी के लोग साथ ना देते तो CBI सालों तक अपनी रिपोर्ट तक नहीं देते. उन्होंने कहा कि CBI की जांच में सच्चाई से जुड़े तथ्य नहीं थे, तभी कोर्ट ने नकारा है। पिता संजय ने आरोप लगाया कि जो जाँच पुलिस ने की थी, CBI ने वही रिपोर्ट कोर्ट में दे दी. संजय ने बताया कि CBI को जिससे जो जांच करनी थी, वो की ही नहीं. ना कॉलेज प्रशासन की जांच की, ना मनीषा के फोन की पड़ताल की. पुलिस ने कॉलेज की DVR 40 दिन अपने पास रखी, इससे पुलिस जांच शक के दायरे में है. साथ ही कहा कि सुसाइड नोट पर भी सवाल उठे हैं, जिसकी हेंडराइटिंग का मिलान नहीं हुआ, अब उसे दो जगह जांच के लिए भेजा जाएगा.
बेटी के जहर खाने तक की पुष्टि नहीं हुई
संजय ने कहा कि भिवानी में हुए पोस्टमार्टम में 36 घंटे पहले मौत बताई, पर 36 घंटे डेड बॉडी कहां रही, कोई बता नहीं पा रहा. ना किसी ने गर्दन कटने के कारण बताए, ना जहर खाने की पुष्टि की. पीड़ित पिता का आरोप कि जो कुछ हुआ वो सिंघानी गांव के आईडियल कॉलेज में हुआ. पीड़ित पिता ने पुलिस व CBI की जांच पर सवाल खड़े करते हुए सिंघानी गांव के आईडियल कॉलेज के प्रशासन पर इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने का आरोप लगाया है.