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Diwali Business Idea: दिवाली पर मुजफ्फरपुर की थोक मंडियों से 10 से 15 हजार के कम निवेश में सजावटी लाइटों का कारोबार शुरू कर सकते हैं. स्थानीय बाजारों में थोक सामान दोगुनी कीमत पर बिकता है, जिससे छोटे कारोबारी 4 से 5 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
Diwali Business Idea: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में सजावटी लाइटों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है. ऐसे में अगर आप भी अपने गांव या छोटे शहर में दिवाली के अवसर पर कम पूंजी लगाकर अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है. मुजफ्फरपुर के तिलक मैदान रोड, इस्लामपुर बाजार और जवाहरलाल रोड स्थित थोक मंडियों से आप कम कीमत पर तरह-तरह की लाइटों की खरीदारी कर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं.
दिवाली के सीजन में अच्छी कमाई
फिलहाल मुजफ्फरपुर के तिलक मैदान रोड और आसपास के बाजारों में दिवाली को लेकर काफी रौनक देखने को मिल रही है. यहां मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, सीतामढ़ी और उत्तर बिहार के कई जिलों से छोटे-बड़े दुकानदार थोक भाव में लाइटों की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं. खास बात यह है कि यहां कम कीमत पर सामान उपलब्ध होने के कारण छोटे कारोबारी भी कम पूंजी में अपनी दुकान शुरू कर सकते हैं. दिवाली के सीजन में अच्छी कमाई कर सकते हैं.
10 की लागत में 4-5 हजार तक मुनाफा
वैशाली जिले से खरीदारी करने पहुंचे मनीष कुमार ने बताया कि वे यहां से थोक भाव में लाइटों की खरीदारी करते हैं. वे दूसरी बार इस मंडी में खरीदारी करने पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि दिवाली के अवसर पर छोटे स्तर पर लाइटों का कारोबार करना काफी अच्छा विकल्प है. अगर कोई व्यक्ति करीब 10 हजार रुपये का सामान खरीदकर अपने इलाके में बिक्री करता है, तो मांग और बिक्री के अनुसार 4 से 5 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकता है. उन्होंने इसे छोटे कारोबार की शुरुआत करने वालों के लिए बेहतर अवसर बताया.
मुजफ्फरपुर का प्रमुख थोक बाजार
वहीं, दुकानदार मोहित कुमार ने बताया कि तिलक मैदान रोड की यह थोक मंडी करीब 50 साल पुरानी है. पटना के बाद मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान का प्रमुख थोक बाजार माना जाता है. यहां से सीतामढ़ी समेत उत्तर बिहार के कई जिलों के दुकानदार सामान खरीदकर अपने-अपने क्षेत्रों में बिक्री करते हैं.
दो गुने कीमत पर बिकती है लाइट
मोहित कुमार के अनुसार कोई भी व्यक्ति महज 10 से 15 हजार रुपये की शुरुआती पूंजी लगाकर लाइटों का छोटा कारोबार शुरू कर सकता है. दिवाली के बाद भी इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज और अन्य सामानों की बिक्री के जरिए इस कारोबार को आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि थोक में 25 से 35 रुपये में मिलने वाली लाइट स्थानीय बाजारों और ग्रामीण इलाकों में 60 से 70 रुपये तक में बिक सकती है. वास्तविक मुनाफा बिक्री और बाजार की मांग पर निर्भर करता है. दुकानदार का कहना है कि सही सामान का चुनाव और ग्राहकों की मांग को समझकर इस कारोबार में अच्छी कमाई की संभावना है. ऐसे में दिवाली के मौके पर बेरोजगार युवाओं और छोटे कारोबारियों के लिए यह कम पूंजी में स्वरोजगार शुरू करने का एक अच्छा विकल्प बन सकता है.