उदयपुर: नगर निगम की ओर से आयोजित दीपावली मेले की सातवीं शाम साहित्य और कविता के नाम रही. नगर निगम प्रांगण में आयोजित कवि सम्मेलन में देश के जाने-माने कवियों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर रात तक अपनी जगह पर जमे रहे. कभी हास्य कविताओं पर पूरा पांडाल ठहाकों से गूंज उठा तो कभी वीर रस की रचनाओं ने लोगों में देशभक्ति का जोश भर दिया. प्रेम, रिश्तों, मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और सामाजिक मुद्दों पर पेश की गई कविताओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया.
कवि सम्मेलन का शुभारंभ महापौर पारस सिंघवी सहित अतिथियों ने मां सरस्वती और भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया.कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामलाल शर्मा, धर्मनारायण जोशी, त्रिलोक पूर्बिया सहित शहर के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे.शाम होते-होते मेला प्रांगण में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे.
दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण कवि और टीवी कलाकार शैलेश लोढ़ा रहे. मंच पर आते ही दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया. लोढ़ा ने अपने चिर-परिचित हास्य और व्यंग्य के अंदाज में जिंदगी, समाज, संस्कृति और रोजमर्रा की बातों को कविता के जरिए पेश किया. उनकी रचनाओं पर दर्शक खूब हंसे और तालियां बजाते नजर आए.
प्रेम और रिश्तों की गहराई को अपनी कविताओं में उतारा
दौसा के कवि संजय झाला ने पारिवारिक रिश्तों पर हास्य के साथ अपनी बात रखी. भाई, बहन, पिता, मां और बेटी के रिश्तों को लेकर सुनाई गई उनकी पंक्तियों ने खूब तालियां बटोरीं. वहीं हाथरस के डॉ. विष्णु सक्सेना ने प्रेम और रिश्तों की गहराई को अपनी कविताओं में उतारा. उनकी रचनाओं ने श्रोताओं को भावुक भी किया.
दर्शक उत्साह में खड़े होकर भारत माता की जय के नारे लगाने लगे
लखनऊ की कवयित्री शशि श्रेया ने श्रृंगार रस की कविताओं से माहौल को अलग रंग दिया.उनकी प्रेम से जुड़ी रचनाओं को श्रोताओं ने खूब पसंद किया. दूसरी ओर कोटा के वीर रस के कवि जगदीश सोलंकी ने भारतीय सैनिकों के साहस और मां की ममता पर आधारित कविताएं सुनाईं उनकी रचनाओं पर दर्शक उत्साह में खड़े होकर भारत माता की जय के नारे लगाने लगे.
व्यंग्यात्मक रचनाओं से लोगों को खूब गुदगुदाया
मेवाड़ के कवि राव अजातशत्रु ने अपनी कविताओं के जरिए मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास, वीरता और स्वाभिमान को जीवंत किया.उन्होंने वीरांगना पद्मिनी के जौहर और मेवाड़ की अस्मिता का जिक्र करते हुए श्रोताओं में अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति गर्व का भाव जगाया.वहीं दिल्ली के हास्य कवि चेतन चर्चित ने अपनी व्यंग्यात्मक रचनाओं से लोगों को खूब गुदगुदाया.
दीपावली मेले की रौनक को और बढ़ा दिया
कवि सम्मेलन में संजय झाला, विष्णु सक्सेना, शशि श्रेया, जगदीश सोलंकी, राव अजातशत्रु, चेतन चर्चित और शैलेश लोढ़ा ने अपनी प्रस्तुतियां दीं. मेला अधिकारी हरि सिंह देवल के अनुसार कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही मेला प्रांगण भरने लगा था.गुलाबी ठंड के बीच देर रात तक चले कवि सम्मेलन में श्रोता अंत तक डटे रहे. हास्य, वीर रस और प्रेम की कविताओं से सजी इस शाम ने दीपावली मेले की रौनक को और बढ़ा दिया.