हरदीप पुरी के जीतने का रास्ता साफ, बिना वोट गिराए पहुंचेंगे राज्यसभा, दो कैंडिडेट ने भरा पर्चा, फिर क्या हुआ?

हरदीप पुरी के जीतने का रास्ता साफ, बिना वोट गिराए पहुंचेंगे राज्यसभा, दो कैंडिडेट ने भरा पर्चा, फिर क्या हुआ?


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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध राज्यसभा पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है. मध्य प्रदेश उपचुनाव में उनके खिलाफ दाखिल दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे रद्द कर दिए गए हैं. कांग्रेस ने इस फैसले का व‍िरोध क‍िया है और इसे पुरी को ज‍िताने की साज‍िश के आरोप लगाए हैं.

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हरदीप पुरी के जीतने का रास्ता साफ, बिना वोट गिराए पहुंचेंगे राज्यसभा, दो कैंडिडेट ने भरा पर्चा, फिर क्या हुआ?

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा पहुंचने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. पूरी संभावना है कि वे बिना चुनाव लड़े और वोट गिराए ही राज्यसभा पहुंच जाएंगे. मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में उनके खिलाफ नामांकन दाखिल करने वाले दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे रद्द कर दिए गए हैं. इसके साथ ही पुरी के नामांकन पर कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से उठाई गई आपत्तियां भी खारिज कर दी गईं. लिहाजा इस सीट पर अब सिर्फ वही एकमात्र उम्मीदवार हैं और उनके निर्विरोध चुने जाने का रास्ता तैयार हो गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान यह पूरा मामला सामने आया था. निर्वाचन अधिकारी के आदेश के मुताबिक, हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को नामांकन पत्र के तीन सेट जमा किए थे. दोपहर 2 बजे नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई. इस दौरान निर्दलीय उम्मीदवार कांते सयन्ना और राजकुमार लोहानी के अलावा मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने पुरी के नामांकन पर आपत्ति जताई.

पुरी के फॉर्म-26 हलफनामे पर उठाए सवाल

आपत्ति दर्ज कराने वालों का कहना था कि पुरी की ओर से जमा किया गया फॉर्म-26 का हलफनामा अधूरा और अमान्य है. उनका आरोप था कि नामांकन के साथ जरूरी दस्तावेजों में खामियां हैं. इस दौरान निर्वाचन अधिकारी ने सभी आपत्तियों को सुना और हरदीप सिंह पुरी को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया.

जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी को आपत्तियों के पक्ष में कोई ठोस आधार नहीं मिला.इसके साथ ही जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 33 और 34 के अनिवार्य प्रावधानों का उल्लंघन भी सामने नहीं आया. नामांकन खारिज करने का कोई आधार न मिलने पर पुरी के तीनों नामांकन पत्र वैध मानकर स्वीकार कर लिए गए.

इन दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज

इस दौरान निर्वाचन अधिकारी शर्मा ने बताया कि निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन इसलिए खारिज किया गया क्योंकि उन्होंने अनिवार्य फॉर्म-26 जमा नहीं किया था. वहीं, दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार कांते सयन्ना का नामांकन अधूरी जानकारी के कारण रद्द कर दिया गया. इस तरह दोनों निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव की दौड़ से बाहर हो गए.

कांग्रेस ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी

निर्दलीयों का नामांकन रद्द होने और हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेता हेमंत कटारे ने निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएंगे. कटारे ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को जिताने के लिए साजिश की गई है.



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