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Ambedkar Nagar News : अम्बेडकरनगर के भीटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बलवा और आगजनी के मुकदमे में ऐसे व्यक्ति को आरोपी बना दिया, जिसकी मौत करीब दो साल पहले हो चुकी थी. बनखोदवा गांव के इस मामले ने पुलिस की जांच और विवेचना पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अम्बेडकर नगर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है.
अम्बेडकर नगर : अम्बेडकरनगर पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है. इस बार मामला ऐसा है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. भीटी थाना पुलिस ने बलवा और आगजनी के एक मामले में जिस व्यक्ति को आरोपी बनाया है, उसकी मौत करीब दो साल पहले ही हो चुकी है. मृतक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच और विवेचना पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. मामला भीटी थाना क्षेत्र के बनखोदवा गांव का है. मामला बेहद रोचक है, आइये जानते हैं, डिटेल में इसके बारे में…
दरअसल, बनखोदवा गांव मतें करीब पंद्रह दिन पहले एक महिला की हत्या के बाद तनाव और विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी. पुलिस ने इस मामले में बलवा और आगजनी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. एफआईआर में 22 लोगों को नामजद और 20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया. लेकिन जब नामजद आरोपियों की सूची सामने आई तो उसमें महेश कुमार निषाद का नाम भी शामिल था.
हैरानी की बात यह है कि महेश कुमार निषाद की करीब दो वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है. ऐसे में सवाल उठने लगे कि जब व्यक्ति जीवित ही नहीं है, तो वह घटना में शामिल कैसे हो सकता है और उसके खिलाफ मुकदमा कैसे दर्ज हो गया. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. बिना तथ्यों का सत्यापन किए एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों की सूची तैयार करने को लेकर लोगों में नाराजगी है. लोग इससे खासा नाराज दिख रहे हैं.
परिजन भी मृतक का नाम मुकदमे से हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. फिलहाल मृतक पर मुकदमा दर्ज होने के इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है. यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है कि आरोपी की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, तो यह पुलिस की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी. वही इस मामले पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि कंप्यूटर की गलती हो सकती है इसे सुधारा जा सकता है.