ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के लिए डेमोक्रेट्स को कितनी चाहिए सीटें, क्या है गणित?
Agency:एजेंसियां
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डोनाल्ड ट्रंप के किले में डेमोक्रेट्स ने सेंध लगा दी है. अमेरिकन कांग्रेस में सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव दोनों में डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल कर लिया है. ऐसे में ट्रंप की मुसीबत बढ़ गई है. अब उन्हें तीसरे बार महाभियोग का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि उन्हें पद से हटाना अब भी मुश्किल होगा.
डोनाल्ड ट्रंप की फाइल फोटो. (Photo : रॉयटर्स)
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका बन गए हैं. वोटरों की नाराजगी और बढ़ती कीमतों की वजह से अमेरिकी कांग्रेस में वह कमजोर हो गए हैं. हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट दोनों में रिपब्लिकन को झटका देते हुए डेमोक्रेट्स ने बहुमत पा लिया है. इस जीत के साथ एक बार फिर ट्रंप पर महाभियोग चलने का खतरा मंडरा गया है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि इससे पहले भी ट्रंप दो बार महाभियोग का सामना कर चुके हैं. मगर क्या कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत भर से ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लगाया जा सकता है?
ट्रंप अब तक दो बार महाभियोग का सामना कर चुके हैं. हालांकि उन पर यह आरोप अपने पहले कार्यकाल के दौरान लगे थे. अब दूसरे कार्यकाल में भी यही संकट मंडरा रहा है. दरअसल पहली बार हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में 2019 में उनके खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पारित हुआ था. उन पर कांग्रेस के काम में बाधा डालने का आरोप था. बाद में फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया था. इसके बाद 13 जनवरी 2021 को उन पर दोबारा महाभियोग लाया गया था. उन पर 6 जनवरी को कैपिटल हिल पर विद्रोह भड़काने का आरोप था. फरवरी 2021 में इस आरोप से भी उन्हें बरी कर दिया गया था.
डेमोक्रेट्स की जीत ट्रंप के लिए आफत
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिक अपना बहुमत बचाने के लिए लड़ रहे हैं, हालांकि अब तक जो रुझान और नतीजे सामने आए हैं, उस लिहाज से अब बहुमत डेमोक्रेटिक के पास जाता दिख रहा है. सीनेट में डेमोक्रेट्स को तकरीबन बहुत मिल गया है. यहां वह 52 सीटों पर कब्जा करने नजर आ रही है. हालांकि निचले सदन में अभी पार्टी बहुमत से पीछे है. अगर दोनों सदनों में ट्रंप को बहुमत मिल जाता है तो वे अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ट्रंप, उनके प्रशासन और परिवार की जांच की ताकत रख पाएंगे. डेमोक्रेट्स ने ये नहीं बताया कि उनके पहले बड़े कानून में क्या होगा, मगर उन्होंने इतना साफ कहा है कि उनका पहला फोकस ट्रंप के खिलाफ जांच सरकारी भ्रष्टाचार के आरोप और उनके परिवार की बढ़ती दौलत की जांच रहेगी.
क्या ट्रंप के खिलाफ महाभियोग ला पाएंगे डेमोक्रेट्स
अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग लाना और उन्हें पद से हटा पाना दोनों अलग-अलग बातें हैं. दरअसल अमेरिका में राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया दो चरणों में होती है. इसमें पहला चरण होता है हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में महाभियोग का प्रस्ताव लाना. साधारण बहुमत से पास होने भर से ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है. मगर असली ताकत सीनेट में चाहिए होती है. यहां मुकदमे की तरह मामले की सुनवाई होती है और सबूत और दलीलें सुनने के बाद सीनेटर राष्ट्रपति को दोषी ठहराने या बरी करने के लिए मतदान करते हैं. सबसे खास बात ये है कि यहां सिर्फ बहुमत से काम नहीं चलता. राष्ट्रपित को पद से हटाने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है.
महाभियोग के लिए क्या होता है सीटों का गणित
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में 435 सीटें होती हैं, यानी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने के लिए 218 सीटों की जरूरत है जो सामान्य बहुमत है. डेमोक्रेटस प्रस्ताव ला सकते हैं. इसके बाद प्रस्ताव सीनेट में जाएगा. यहां 100 सीटें हैं. डेमोक्रेट्स यहां सामान्य बहुमत हासिल करते दिख रहे हैं. मगर सिर्फ इतने से काम नहीं चलेगा. दरअसल बहुमत से डेमोक्रेट्स के पास प्रतिनिधि सभा का कंट्रोल तो होगा, मगर महाभियोग में राष्ट्रपति को हटाने के लिए कम से कम दो तिहाई यानी 67 वोटों की जरूरत होगी. अगर सभी सदस्य मौजूद न हों तो संख्या बदल सकती हैं, मगर कुल वोटों में से दो तिहाई वोट ट्रंप के खिलाफ पड़ना जरूरी है.
मिडटर्म चुनाव का ट्रंप पर क्या असर होगा?
मिडटर्म चुनाव में जो नए सांसद और सीनेटर जीतेंगे वे 3 जनवरी 2027 से अपना कार्यकाल शुरू करेंगे, तब तक पुरानी कांग्रेस काम करेगी. यानी ट्रंप के पास अभी 3 जनवरी 2027 तक पूरी ताकत होगी. इसके बाद अगर ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाया भी जाता है तो वह सीनेट में टिक पाएगा इसके कम चांस हैं. खास बात ये है कि अगर उन्हें पद से हटा भी दिया जाता है, तब भी वह अगली बार चुनाव में दावेदार बने रह सकते हैं, जब तक सीनेट में इसके खिलाफ भी मतदान न किया जाए.