6 महीने की तपस्या और भगवान विष्णु के दर्शन, जानिए ध्रुव टीले का रहस्य
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भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जिनसे पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. इन्हीं में एक है मधुवन गांव का ध्रुव टीला. मान्यता है कि पांच वर्ष की उम्र में ध्रुव महाराज ने इसी स्थान पर छह महीने तक कठोर तपस्या की थी. यहां भगवान राम के छोटे भाई शत्रुघ्न के शासन से जुड़ी कथा भी प्रचलित है.
मधुवन गांव में स्थित यह स्थान धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है. बताया जाता है कि यहां बड़े-बड़े पत्थरों और मिट्टी का टीला है, जिसकी लंबाई करीब 200 फीट और ऊंचाई लगभग 150 फीट है.
मान्यता है कि ध्रुव महाराज पांच वर्ष की अवस्था में यहां आए थे. नारद मुनि के कहने पर उन्होंने भगवान विष्णु की आराधना शुरू की थी.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ध्रुव महाराज ने यहां छह महीने तक कठोर तपस्या करते हुए ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप किया था. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए थे.
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मान्यता है कि भगवान राम के छोटे भाई शत्रुघ्न ने लवणासुर का वध इसी क्षेत्र में किया था. इसके बाद उन्होंने मधुपुरी पर 11 हजार साल तक शासन किया था.
ध्रुव टीला मंदिर के सेवायत जगदीश गिरी के मुताबिक, यहां नारायण भगवान, ध्रुव महाराज और नारद मुनि की प्रतिमाएं स्थापित हैं. मंदिर में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
मंदिर के सेवायत के अनुसार, मधुवन धाम को 84 कोस परिक्रमा का पहला पड़ाव माना जाता है. यहां बावन एकादशी के दिन भगवान विष्णु के ध्रुव महाराज को दर्शन देने की मान्यता भी प्रचलित है.