सैलरी पड़ गई कम तो बेच दिया ईमान, सोलन पटवारी और सिरमौर में रैंज अफसर रिश्वत लेते गिरफ्तार, गूगल-पे करवाया पैसा

सैलरी पड़ गई कम तो बेच दिया ईमान, सोलन पटवारी और सिरमौर में रैंज अफसर रिश्वत लेते गिरफ्तार, गूगल-पे करवाया पैसा


शिमला. सरकार सैलरी दे रही है, लेकिन लगता है कि उससे पेट नहीं भरता है. सूबे रके पांवटा साहिब में विजिलेंस की टीम ने दीपावली के त्योहार से ठीक पहले वन विभाग के रेंज अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.

विजिलेंस टीम ने भंगानी रेंज में तैनात रैंज अफसर सुमंत को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दबोचा है. आरोपी अधिकारी शिकायतकर्ता इकराम को काफी लंबे समय से परेशान कर रहा था. आरोपी शिकायतकर्ता के ट्रैक्टर को खनन कार्य के दौरान पकडऩे और उसका चालान न करने की एवज में दस हजार रुपए की मांग कर रहा था. परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना विजिलेंस अधिकारियों को दी और आरोपी के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उन्हें सौंप दी. विजिलेंस विभाग ने शिकायत के आधार पर तुरंत जाल बिछाया. आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि देने के लिए पांवटा साहिब स्थित चुंगी नंबर-6 पर बुलाया था.

जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को पैसे थमाए, तो वहां पहले से तैयार विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. विजिलेंस की इस अचानक कार्रवाई से वन विभाग में हडक़ंप मच गया है. फिलहाल टीम मौके पर आगामी कार्रवाई और छानबीन में जुटी है. विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी. डीएसपी विजलेंस रमाकांत ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

भूमि के बंटवारे के लिए ₹1,500 की रिश्वत मांगने के आरोप में पटवारी के खिलाफ FIR दर्ज

हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोलन स्थित बंदोबस्त विभाग में तैनात पटवारी अंकुर के विरुद्ध रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है. शिकायतकर्ता विकास कंवर ने आरोप लगाया है कि पटवारी ने उसकी भूमि के बंटवारे (तकसीम) की प्रक्रिया को पूरा करवाने के एवज में ₹1,500 की अवैध रिश्वत की मांग की थी. शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी पटवारी ने उक्त राशि गूगल-पे के माध्यम से भेजने के लिए अपना मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाया था. शिकायत के समर्थन में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी ब्यूरो को सौंपी गई है.

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस थाना सोलन में 3 नवंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के अंतर्गत दर्ज की गई है. मामले की आगामी जांच जारी है.

पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा, “भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में, चाहे रिश्वत की राशि कितनी भी हो या संबंधित सरकारी कर्मचारी किसी भी पद पर तैनात हो, किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्टाचार के प्रत्येक मामले में त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. आम नागरिकों से अपील है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी उनसे किसी भी प्रकार की अवैध रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो को दें और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों में सहयोग करें.



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