सागर SP पद से हटाए गए IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा, अवैध शराब को लेकर CM ने की बड़ी बैठक, पुलिस को कड़े निर्देश

सागर SP पद से हटाए गए IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा, अवैध शराब को लेकर CM ने की बड़ी बैठक, पुलिस को कड़े निर्देश


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MP News: सागर के पूर्व एसपी और 2014 बैच के आईपीएस अफसर अनुराग सुजानिया ने मंगलवार को डीजीपी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. हालांकि, उनका इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है. इसी घटनाक्रम के बीच, मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सीएम हाउस में उच्चस्तरीय बैठक कर अवैध शराब पर कड़े एक्शन के निर्देश दिए.

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सुबह IPS ने दिया इस्तीफा शाम को सीएम ने बुला ली बड़ृी बैठक.

रिपोर्ट: रमाकांत दुबे

Bhopal News: मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में मंगलवार 3 नवंबर को बड़ी हलचल देखने को मिली. शराब कांड के बाद सागर एसपर के पद से हटाए गए 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने मंगलवार सुबह डीजीपी से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा. हालांकि, उनका यह इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं किया गया है.

इसलिए दिया इस्तीफा, IPS एसोसिएशन नाराज
आईपीएस अनुराग सुजानिया ने अपने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं. इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही आईपीएस एसोसिएशन तुरंत एक्टिव हो गया है. एसोसिएशन ने अधिकारियों के लगातार और अकारण हो रहे तबादलों को लेकर अपनी नाराजगी जताई है. वहीं, उच्च स्तर पर चर्चा के बाद अब अनुराग सुजानिया को मनाने और इस्तीफा वापस लेने के प्रयास लगातार जारी हैं.

सितंबर में बंडा जहरीली शराब कांड से आए थे चर्चा में
आईपीएस अनुराग सुजानिया हाल ही में सागर जिले में हुए जहरीली शराब कांड के बाद काफी चर्चा में आए थे. इसी साल सितंबर के महीने में सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब की वजह से 15 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और अनुराग सुजानिया पर कई गंभीर सवाल उठे थे. विपक्ष ने भी इस मामले को काफी बड़ा मुद्दा बनाया था, जिसके बाद उन्हें सागर एसपी के पद से हटा दिया गया था.

सीएम मोहन यादव ने बुलाई उच्चस्तरीय आपात बैठक
आईपीएस अफसर के इस्तीफे के बीच मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बेहद महत्वपूर्ण बैठक की. पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार यह बैठक पुलिस मुख्यालय में आयोजित होनी थी. लेकिन बाद में मुख्यमंत्री ने सभी अफसरों को सीएम हाउस बुला लिया.

अवैध शराब और माफिया पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शराब तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगाने के कड़े निर्देश दिए. सीएम ने पुलिस को कार्रवाई करने के लिए फ्री हैंड दे दिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार पकड़ा गया, तो इसके लिए सीधे संबंधित पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा.

आबकारी विभाग के साथ समन्वय बनाया जाए
सीएम ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. साथ ही प्रदेश की सभी शराब दुकानों पर नियमित चेकिंग की जाएगी और पुलिस की सीधी निगरानी रहेगी. इसके लिए आबकारी विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाया जाएगा. हर जिले में वाहनों की चेकिंग बढ़ाई जाएगी और सीमावर्ती जिलों में अवैध शराब की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.



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