आज एक रुपये में क्या मिलता है? शायद टॉफी भी मुश्किल से मिले. लेकिन एक जमाना ऐसा था जब रुपये का हिसाब ही कुछ और था. उस वक्त 1 रुपये में 16 आने हुआ करते थे. यानी एक आना भी अपने आप में पैसे की अच्छी-खासी कीमत रखता था. सिक्का सीरीज में आज कहानी इसी एक आने की…
नीचे की तस्वीर में दिख रहा यह सिक्का उसी पुराने दौर की याद दिलाता है. इसे कहते थे ‘एक आना’. इस सिक्के की खास बात सिर्फ इसकी कीमत नहीं थी, बल्कि इस पर बनी तस्वीरें भी थीं. एक तरफ अशोक स्तंभ और दूसरी तरफ बैल की तस्वीर. ऊपर से इसकी बनावट भी आज के सिक्कों से बिल्कुल अलग थी.
एक आने का सिक्का.
अब सिक्कों पर ब्रिटिश राजा की तस्वीर की जगह अशोक स्तंभ के सिंह शीर्ष ने ले ली. यह बदलाव छोटा नहीं था. देश अब अपनी पहचान अपने सिक्कों पर भी दिखाना चाहता था. 1950 का यह एक आना भी उसी बदलाव का हिस्सा था.
एक तरफ बैल, दूसरी तरफ अशोक स्तंभ… ऐसा क्यों?
इस सिक्के को पलटकर देखेंगे तो दोनों तरफ अलग-अलग दुनिया नजर आएगी. एक तरफ अशोक स्तंभ बना है, जो भारत की नई राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक था. दूसरी तरफ बैल की तस्वीर है. इसके साथ ONE ANNA और हिंदी में एक आना लिखा हुआ है. नीचे 1950 की तारीख भी दिखाई देती है. यानी उस दौर में सिक्का सिर्फ लेन-देन का जरिया नहीं था, बल्कि देश की पहचान दिखाने का एक तरीका भी था.
सोने-चांदी का नहीं, तांबे-निकेल का था सिक्का
अब इसकी बनावट पर भी गौर कीजिए. यह सिक्का सोने या चांदी का नहीं, बल्कि कॉपर-निकेल यानी तांबे और निकेल के मिश्रण से बनाया गया था. इसका वजन करीब 3.88 ग्राम था. व्यास लगभग 21 मिलीमीटर था. सबसे दिलचस्प बात इसका आकार था. इसके किनारों पर 12 कटाव थे, इसलिए यह आज के गोल सिक्कों से थोड़ा अलग दिखाई देता था.
एक आना यानी आज के कितने पैसे?
1 रुपया = 16 आने
1 आना = 4 पुराने पैसे
1 रुपया = 64 पुराने पैसे
बाद में सरकार ने रुपये का हिसाब बदल दिया. 1 अप्रैल 1957 से दशमलव प्रणाली लागू हुई. अब एक रुपये में 100 पैसे होने लगे. इस हिसाब से एक आना 6.25 नए पैसे के बराबर था.
आखिर कहां गायब हो गया एक आना?
जब रुपये का हिसाब बदला तो आने की जरूरत धीरे-धीरे खत्म होने लगी. पुराने सिक्के कुछ समय तक चलते रहे, लेकिन नई पीढ़ी के लिए पैसा गिनने का तरीका बदल चुका था. आज एक आना बाजार में नहीं चलता. लेकिन अगर आपके घर के पुराने बक्से, दादा-दादी की अलमारी या किसी पुराने सिक्कों के कलेक्शन में यह मिल जाए तो समझिए आपके हाथ में इतिहास का एक छोटा-सा टुकड़ा है.