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Punjab Chunav News: कांग्रेस बुधवार को पंजाब विधानसभा चुनाव का सियासी बिगुल फूंकने जा रही है. राहुल गांधी मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर के फग्गूवाला गांव में कांग्रेस की रैली को संबोधित करेंगे. पार्टी इस रैली के जरिए AAP सरकार को कानून-व्यवस्था, नशे और रोजगार के मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है. दूसरी ओर, पंजाब बीजेपी चंडीगढ़ में ‘जख्म 84 के’ सम्मेलन आयोजित करेगी. इसमें 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवार, प्रत्यक्षदर्शी, कानूनी विशेषज्ञ और वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे. बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश करेगी.
राहुल गांधी बुधवार मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर से कांग्रेस के चुनावी अभियान का आगाज करने जा रहे हैं. (फाइल फोटो)
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. वरिष्ठ कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार, 4 नवंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर से पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज करने जा रहे हैं. वहीं, इसी दिन पंजाब बीजेपी चंडीगढ़ में ‘जख्म 84 के’ नाम से सम्मेलन आयोजित कर 1984 के सिख विरोधी नरसंहार का मुद्दा उठाएगी. बीजेपी इस मंच से कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है.
कांग्रेस की रैली 4 नवंबर को सुबह 10 बजे संगरूर के फग्गूवाला गांव में होगी. पार्टी नेता विजय इंदर सिंगला ने इसे 2027 विधानसभा चुनाव का आगाज बताया. उन्होंने समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी की मौजूदगी में होने वाली यह रैली ऐतिहासिक होगी. कांग्रेस इस दौरान पंजाब की कानून-व्यवस्था, नशे और रोजगार जैसे मुद्दों पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेर सकती है.
सिंगला ने आरोप लगाया कि AAP सरकार के पांच साल के कार्यकाल में नशे की समस्या घर-घर तक पहुंच गई है और राज्य में गैंगस्टर खुलेआम फिरौती मांग रहे हैं. उन्होंने पुलिसकर्मियों और आम लोगों की दिनदहाड़े हत्या का मुद्दा भी उठाया. सिंगला ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में AAP को 10 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने पर काम करेगी. ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप और चुनावी दावे हैं.
BJP का ‘जख्म 84 के’ सम्मेलन, पीड़ित और गवाह रखेंगे अपनी बात
दूसरी ओर, पंजाब बीजेपी 4 नवंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित होटल पार्कव्यू में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ‘जख्म 84 के’ सम्मेलन आयोजित करेगी. पार्टी के मुताबिक, इसका मकसद 1984 के सिख नरसंहार की घटनाओं, पीड़ितों की लंबी कानूनी लड़ाई और उनके पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है.
सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, रिटायर्ड जस्टिस एसएन ढींगरा, वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फूलका, सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई प्रमुख लोग शामिल होंगे. नरसंहार के पीड़ित परिवारों और प्रत्यक्षदर्शियों को भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा.
इस सम्मेलन के अलग-अलग सत्रों में 1984 के नरसंहार की घटनाओं, कथित साजिश, जांच में हुई खामियों, न्याय की लड़ाई और पीड़ित परिवारों के पुनर्वास पर चर्चा होगी. समापन सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे.
एक तरफ राहुल गांधी संगरूर से AAP सरकार पर हमला बोलकर कांग्रेस को चुनावी मुकाबले में सक्रिय करने की कोशिश करेंगे, तो दूसरी तरफ बीजेपी 1984 के सिख नरसंहार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है. ऐसे में 4 नवंबर को पंजाब की राजनीति में दो अलग-अलग मंचों से सियासी संदेश देने की कोशिश होगी.