How to apply Death Certificate: डेथ सर्टिफिकेट बनवाने से पहले नोट कर लें ये जरूरी बातें, नहीं तो लगाते रहेंगे चक्कर

How to apply Death Certificate: डेथ सर्टिफिकेट बनवाने से पहले नोट कर लें ये जरूरी बातें, नहीं तो लगाते रहेंगे चक्कर


जमशेदपुर: परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होने के बाद कई सरकारी और जरूरी कामों के लिए डेथ सर्टिफिकेट यानी मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ती है. बैंक खाते से लेकर बीमा, पेंशन, संपत्ति और अन्य कानूनी प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है. ऐसे में अगर आप भी जमशेदपुर में किसी परिजन का डेथ सर्टिफिकेट बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको किन कागजातों की जरूरत होगी और आवेदन कहां करना होगा, इसकी जानकारी होना जरूरी है. जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी के स्पेशल ऑफिसर तर्निश कुमार हंस ने इस संबंध में जरूरी जानकारी दी है.

जानें कैसे करें आवेदन

तर्निश कुमार हंस ने बताया कि डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सबसे पहले मृत्यु से संबंधित प्रमाण और मृतक की पहचान से जुड़े दस्तावेज की जरूरत होती है. अगर मृत्यु अस्पताल में हुई है, तो अस्पताल की ओर से जारी किया गया. डेथ पेपर या मृत्यु से संबंधित प्रमाण साथ रखना जरूरी है. इसके अलावा मृतक का आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र उपलब्ध हो तो उसे भी आवेदन के समय प्रस्तुत करना चाहिए. दस्तावेजों में किसी तरह की गलती न हो, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है.

ये कागज है बहुत जरूरी

उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले परिजन को अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी साथ रखने चाहिए. आवेदक का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जैसे जरूरी विवरण मांगे जा सकते हैं. इसके साथ ही मृतक का नाम, पिता या पति का नाम, उम्र, पता, मृत्यु की तारीख और मृत्यु का स्थान जैसी सही जानकारी देना जरूरी है. इन जानकारियों के आधार पर ही मृत्यु का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है. इसलिए आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों में दर्ज जानकारी को अच्छी तरह जांच लेना चाहिए.

अगर मृत्यु अस्पताल के बजाय घर पर हुई है, तो प्रक्रिया में मृत्यु से संबंधित प्रमाण की आवश्यकता हो सकती है. ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी से पहले जानकारी लेकर ही आवेदन करना बेहतर है, ताकि दस्तावेजों की कमी के कारण लोगों को दोबारा कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े. वहीं, अगर मृत्यु का पंजीकरण काफी देर से कराया जा रहा है, तो सामान्य प्रक्रिया से अलग अतिरिक्त दस्तावेज या अनुमति की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए देरी होने की स्थिति में संबंधित कार्यालय से जानकारी लेना जरूरी है.

लोकल 18 से बातचीत में स्पेशल ऑफिसर तर्निश कुमार हंस ने बताया कि डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए संबंधित क्षेत्र के मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है. जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लोग आवश्यक दस्तावेज लेकर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. आवेदन के दौरान मृतक और आवेदक से जुड़ी जानकारी सही तरीके से भरना जरूरी है, ताकि रिकॉर्ड तैयार करने में किसी तरह की परेशानी न हो.

अधिक जानकारी के लिए यहां करें संपर्क

डेथ सर्टिफिकेट केवल मृत्यु की पुष्टि करने वाला कागज नहीं है, बल्कि आगे की कई जरूरी प्रक्रियाओं के लिए भी यह महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है. बैंक खाते, बीमा क्लेम, पेंशन, पारिवारिक लाभ और संपत्ति से जुड़े कामों में इसकी जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में परिवार में मृत्यु होने के बाद जल्द से जल्द मृत्यु का पंजीकरण कराकर प्रमाण पत्र प्राप्त करना फायदेमंद रहता है. अगर आपके पास अस्पताल का मृत्यु प्रमाण, मृतक का पहचान पत्र और आवेदक की पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज हैं, तो इन्हें साथ लेकर जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी के संबंधित कार्यालय में संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है.



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