जोधपुर: जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और जूनियर विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार के मामले में कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. एंटी रैगिंग समिति की जांच के बाद एक जूनियर रेजिडेंट सहित कुल 19 लोगों को निलंबित किया गया है. इनमें पांच को तीन महीने और 14 विद्यार्थियों को एक महीने के लिए सस्पेंड किया गया है. आरोप है कि सीनियर विद्यार्थी जूनियर छात्रों पर मनमाने नियम थोपने के साथ उन्हें क्लीन शेव रहने, विशेष हेयरकट रखने और फॉर्मल कपड़े पहनने के लिए बाध्य कर रहे थे. निलंबन के दौरान इन विद्यार्थियों के हॉस्टल, लाइब्रेरी और रीडिंग रूम में प्रवेश पर भी रोक रहेगी. उनकी क्लीनिकल पोस्टिंग और अकादमिक गतिविधियों में भागीदारी पर भी रोक लगा दी गई है.
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई थी, क्योंकि नए सत्र में प्रवेश लेने वाले प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने सीनियर छात्रों के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी. आरोप था कि जूनियर विद्यार्थियों पर अपनी मर्जी के नियम थोपे जा रहे थे. उन्हें क्लीन शेव रहने, विशेष हेयरकट रखने और फॉर्मल कपड़े पहनने के लिए बाध्य किया जा रहा था. इतना ही नहीं, उन्हें जबरन खड़ा रखने और अपमानित करने के आरोप भी लगाए गए थे.
इन पांच को तीन महीने का निलंबन
कॉलेज प्रशासन ने जूनियर रेजिडेंट अंकित ढाका के साथ शैलेश गुर्जर, लोकेश सैनी, वीकेश चौधरी और राहुल महापुरिया को तीन महीने के लिए निलंबित किया है. एक महीने के लिए निलंबित किए गए विद्यार्थियों में गोपाल गाडवीर, सचिन रायवर, लक्ष्मीनारायण, शैलेन्द्र बीजानिया, अशोक सियाग, रविन्द्र बिडियासर, कमलेश पटेल, समीर राय, प्रियांशु यादव, नरेंद्र यादव, अभिषेक कस्वां, रोहिन महला, नन्दलाल मित्तल और आदित्य लामोरिया शामिल हैं
कॉलेज परिसर में आयोजित क्लीन कैंपस ड्राइव के दौरान विवाद हुआ
जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को कॉलेज परिसर में आयोजित क्लीन कैंपस ड्राइव के दौरान विवाद हुआ था. इसके बाद प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में वर्ष 2025 बैच के सीनियर विद्यार्थियों पर जूनियर छात्रों को प्रताड़ित करने और अनुचित दबाव बनाने के आरोप लगाए गाए थे. शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एंटी रैगिंग समिति के माध्यम से मामले की जांच कराई. समिति ने संबंधित विद्यार्थियों और शिकायतों के आधार पर जांच की. इसमें जूनियर विद्यार्थियों के साथ गंभीर कदाचार, अभद्र व्यवहार और अनुचित दबाव बनाने के आरोपों की पुष्टि होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई.
सिर्फ क्लास नहीं, कैंपस की सुविधाओं से भी रहेंगे दूर
निलंबन के दौरान संबंधित विद्यार्थी क्लीनिकल पोस्टिंग, अकादमिक और शिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे. इसके अलावा हॉस्टल में रहने, लाइब्रेरी और रीडिंग रूम का उपयोग करने पर भी प्रतिबंध रहेगा. इस तरह कॉलेज प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ कैंपस की सुविधाओं को भी शामिल किया है.
एक महीने में दूसरी शिकायत ने बढ़ाई चिंता
मेडिकल कॉलेज में एक महीने के भीतर रैगिंग की दूसरी शिकायत सामने आने से मामला और गंभीर हो गया था. यूजीसी की हेल्पलाइन तक शिकायत पहुंचने के बाद कॉलेज प्रशासन को जांच और कार्रवाई करनी पड़ी. अब 19 लोगों के निलंबन के बाद कॉलेज में जूनियर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल बनाए रखना प्रशासन के सामने अहम जिम्मेदारी होगी.