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Hyderabad PLP Handmade Pens Success: डिजिटल दौर में भी हाथ से लिखने और खास कलमों का शौक बरकरार है. हैदराबाद के बाचुपल्ली में पीएली हैंडमेड पेन्स की छोटी वर्कशॉप में ऐसी ही कलमें तैयार की जाती हैं, जिन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. संस्थापक पूना लक्ष्मीपति 55 साल से अधिक समय से पेन बनाने के काम से जुड़े हैं. उन्होंने अपने बेटे पूना सतीश कुमार के साथ मिलकर PLP ब्रांड शुरू किया. यहां एबोनाइट और ऐक्रेलिक जैसे रॉ मटीरियल से पेन की बॉडी तैयार की जाती है. कटिंग, शेपिंग, थ्रेडिंग और पॉलिशिंग जैसे कई काम हाथ से किए जाते हैं. बेहतर लिखावट के लिए इनमें प्रीमियम निब्स और स्याही भरने के अलग-अलग विकल्प दिए जाते हैं. कंपनी के मुताबिक, इन पेन की कीमत 1,500 से 5,600 रुपए तक है और इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. अमेरिका, जर्मनी, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से भी इन्हें ऑनलाइन ऑर्डर मिल रहे हैं.
हैदराबाद. राजधानी हैदराबाद के बाचुपल्ली स्थित एक छोटी सी वर्कशॉप में लेथ मशीनों की गूंज और बारीक कारीगरी के बीच ऐसी कलमें जन्म लेती है, जिन्हें विरासत की तरह सहेजा जा सकता है. पीएलपी हैंडमेड पेन्स के संस्थापक पूना लक्ष्मीपति पिछले 55 से अधिक वर्षों से पेन निर्माण से जुड़े हैं. पहले वे अन्य बड़े ब्रांड्स के लिए कलम तैयार करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपने बेटे पूना सतीश कुमार के साथ मिलकर खुद का ब्रांड पीएलपी स्थापित किया. आज यह ब्रांड भारतीय हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है.
पूना लक्ष्मीपति बताते हैं कि इन पेनों को बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एबोनाइट और ऐक्रेलिक रॉ मटीरियल का उपयोग किया जाता है. कारखाने में रॉ रॉड्स को काटने से लेकर लेथ मशीन पर थ्रेडिंग, शेपिंग और बॉडी डिजाइनिंग का काम पूरी तरह हाथ से नियंत्रित होता है. इसके बाद पेन की स्मूथनेस और फिनिशिंग के लिए विशेष पॉलिशिंग की जाती है.
1500 से 5600 रुपए की शुरुआती रेंज में उपलब्ध है पेन
एक बार खरीदने पर 50 साल तक चलेगा