समस्तीपुर का फेमस काला जामुन, इस विधि से घर पर बनाएं, आएगा हलवाई जैसा स्वाद
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Samastipur famous Kala Jamun: त्योहार हो, घर में मेहमान आएं या कुछ मीठा खाने का मन करे, तो काला जामुन मिठाई का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. बाजार में मिलने वाली इस मिठाई का स्वाद और रंग लोगों को खूब पसंद आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हलवाई जैसी काला जामुन मिठाई घर पर भी तैयार की जा सकती है. इसके लिए न तो किसी बड़ी मशीन की जरूरत है और न ही बहुत ज्यादा मेहनत करने की. बस सामग्री का सही अनुपात और बनाने का तरीका पता होना चाहिए. मिठाई बनाने वाले कारीगर संजीव ने काला जामुन तैयार करने की विधि साझा की है. आइये जानते हैं इसके बारे में.
कारीगर संजीव ने बताया कि दूध से छेना तैयार करने से लेकर खोवा मिलाने, लोइयां बनाने और चाशनी में डुबोने तक हर चरण का अपना महत्व है. यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो घर पर स्वादिष्ट मिठाई बनाने की कोशिश की जा सकती है. सबसे खास बात यह है कि इसकी सामग्री भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है. ऐसे में जो लोग बाजार जैसी मिठाई घर पर बनाना चाहते हैं, वे कारीगर द्वारा बताए गए तरीके को अपनाकर इसे तैयार कर सकते हैं.
कारीगर संजीव के मुताबिक, काला जामुन बनाने के लिए सबसे पहले छेना और खोवा तैयार करना होता है. छेना बनाने के लिए दूध को अच्छी तरह उबालें. इसके बाद उसमें थोड़ा-थोड़ा नींबू का रस या उपयुक्त खाद्य अम्ल मिलाएं, जिससे दूध फटकर छेना और पानी अलग हो जाए. फिर छेने को छानकर अतिरिक्त पानी निकाल दें. खोया बनाने के लिए दूध को लगातार गर्म करके गाढ़ा किया जाता है, जब तक वह खोया जैसा रूप न ले ले.
संजीव बताते हैं कि यदि करीब एक किलोग्राम मिठाई तैयार करनी है, तो लगभग 250 ग्राम छेना और 250 ग्राम खोवा के अनुपात से शुरुआत की जा सकती है. इसके साथ करीब 50 ग्राम सूजी, थोड़ी चीनी और इलायची पाउडर मिलाया जाता है. मिश्रण को बांधने और सही बनावट देने के लिए चुटकी भर खाने वाला सोडा इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, सामग्री की मात्रा छेने और खोवे में मौजूद नमी के अनुसार थोड़ी बदल सकती है. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर नरम और चिकना मिश्रण तैयार करें. ध्यान रखें कि मिश्रण बहुत ज्यादा सूखा या चिपचिपा न हो, क्योंकि इससे मिठाई का आकार और बनावट प्रभावित हो सकती है.
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मिश्रण तैयार होने के बाद उसे छोटी-छोटी लोइयों का आकार दें. संजीव के अनुसार, लोई के बीच में थोड़ा-सा मावा या चीनी के दाने भर सकते हैं. इससे मिठाई के अंदर अलग स्वाद मिलता है. लोइयों को बनाते समय ध्यान रखें कि उनकी सतह चिकनी हो और कहीं दरार न रहे. इसके बाद कड़ाही में घी या रिफाइंड तेल गर्म करें और लोइयों को उचित तापमान पर धीरे-धीरे तलें. काला जामुन का रंग गहरा भूरा होना चाहिए, लेकिन इसे बहुत तेज आंच पर तलने से बाहर की सतह जल्दी गहरी हो सकती है और अंदर का हिस्सा कच्चा रह सकता है.
इसलिए तापमान पर नियंत्रण रखना जरूरी है. दूसरी ओर, चीनी और पानी से चाशनी तैयार करें. तली हुई मिठाइयों को कुछ देर संभलने दें और फिर गुनगुनी चाशनी में डालकर छोड़ दें. ताकि वे चाशनी को अच्छी तरह सोख सकें. कुछ समय बाद काला जामुन मिठाई परोसने के लिए तैयार हो जाएगी.