Pakistan Bangladesh Protest News: भारत के दो पड़ोसी सुलग उठे, बांग्लादेश में मजदूरों का विद्रोह, पाकिस्तान में बिजली-पानी का संकट

Pakistan Bangladesh Protest News: भारत के दो पड़ोसी सुलग उठे, बांग्लादेश में मजदूरों का विद्रोह, पाकिस्तान में बिजली-पानी का संकट


पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश में सोमवार को लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया. पाकिस्तान के कराची में बिजली कटौती और गैस की कमी से परेशान लोग प्रदर्शन करने उतरे, तो बांग्लादेश में हजारों कपड़ा मजदूरों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कें जाम कर दीं. बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें कीं. दोनों देशों में आम लोगों की रोजमर्रा की मुश्किलें अब बड़े विरोध प्रदर्शनों की वजह बन रही हैं.

पाकिस्तान में बिजली कटौती से भड़के लोग

पाकिस्तान के कराची में सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने बिजली और गैस की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन किया. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, रैली की शुरुआत ल्यारी गेट से हुई और ये कराची प्रेस क्लब के बाहर खत्म हुई. इसमें पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं, महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शन में ल्यारी, सदर, बर्न्स रोड, गार्डन और आसपास के इलाकों के लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने के-इलेक्ट्रिक (KE) और सूई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) के खिलाफ नारे लगाए. उनकी मांग थी कि बिजली और गैस की सप्लाई नियमित की जाए.

रैली का नेतृत्व PPP के साउथ डिस्ट्रिक्ट अध्यक्ष जावेद नागोरी ने किया. इसमें सांसद सरदार नबील गाबोल भी शामिल हुए. गाबोल ने के-इलेक्ट्रिक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनी के अधिकारियों से राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभा स्तर पर कई बार बातचीत की गई, लेकिन बिजली सेवाओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ. नागोरी ने आरोप लगाया कि ल्यारी के कई इलाकों में रोजाना 16 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है.

बांग्लादेश में वेतन की मांग पर मजदूर सड़क पर

बांग्लादेश की राजधानी ढाका और आसपास के औद्योगिक इलाकों में कपड़ा मजदूरों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया. हजारों श्रमिकों ने न्यूनतम मासिक वेतन 30,000 टका (₹22,916) करने की मांग को लेकर प्रमुख राजमार्गों को जाम कर दिया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुबह करीब 1,000 श्रमिक ढाका-टंगाइल राजमार्ग पर पल्ली विद्युत क्षेत्र में जमा हुए. उन्होंने सड़क रोक दी, जिससे दोनों दिशाओं में यातायात ठप हो गया. गाजीपुर औद्योगिक पुलिस के अधीक्षक मोहम्मद अमजद हुसैन ने बताया कि प्रदर्शन के कारण वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई.

IANS की रिपोर्ट के मुताबिक ढाका के आशुलिया इलाके में भी कई फैक्ट्रियों के मजदूर काम छोड़कर सड़कों पर उतर आए. उन्होंने नबीनगर-चंद्रा राजमार्ग जाम करने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं. मजदूरों की मांग सिर्फ वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं है. वे ब्लैक लिस्टिंग खत्म करने और दूसरी मांगों को भी पूरा करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है.

पहले भी हुई थी आगजनी, गिरफ्तारियां भी

बांग्लादेश में यह विरोध प्रदर्शन रविवार को भी हिंसक हो गया था. गाजीपुर में मजदूरों ने वेतन बढ़ाने की मांग पर ढाका-टंगाइल राजमार्ग जाम किया था. कोनाबाड़ी इलाके में एक पुलिस बॉक्स में आग लगाए जाने की भी खबर है. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई घंटे तक झड़पें हुईं. तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा में शामिल होने के आरोप में मीरपुर से 29 और गाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र से 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

इस बीच, फ्रांस स्थित मानवाधिकार संगठन ‘जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस’ ने श्रमिकों, खासकर महिलाओं और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों की निंदा की है. संगठन ने स्वतंत्र जांच कराने और हिरासत में लिए गए मजदूरों व श्रमिक नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. संगठन के संस्थापक अध्यक्ष शाहानुर इस्लाम ने कहा कि महंगाई के कारण मजदूर बेहतर वेतन मांग रहे हैं. ऐसे में बातचीत के बजाय बल प्रयोग और गिरफ्तारियां चिंता का विषय हैं.



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