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Nuclear Attack On Iran: ईरान के पिकैक्स माउंटेन स्थित गहरे अंडरग्राउंड ठिकाने को लेकर अमेरिका के संभावित हमले की चर्चा तेज है. टकर कार्लसन ने दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप पर सैन्य कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं. इस बहस में B61-11 परमाणु बम और ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ के नाम सामने आए हैं.
ईरान पर न्यूक्लियर हमले का खतरा बना हुआ है. (Reuters)
Iran Nuclear Attack News: ईरान के पहाड़ों के भीतर छिपे परमाणु ठिकाने को नष्ट करने के लिए क्या अमेरिका परमाणु बम गिरा सकता है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने इस सवाल को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हैं. ईरान के पिकैक्स माउंटेन स्थित अंडरग्राउंड ठिकाने को निशाना बनाने की चर्चा के बीच B61-11 परमाणु बम और ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB) के नाम सामने आ रहे हैं. हालांकि, ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. अमेरिका के रूढ़िवादी कमेंटेटर टकर कार्लसन ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, ट्रंप पर ईरान के खिलाफ फिर से युद्ध शुरू करने का दबाव बना रहे हैं. टकर कार्लसन कभी ट्रंप के कट्टर समर्थक थे, लेकिन आज स्थिति ये है कि दोनों के रिश्ते बिगड़ चुके हैं. कार्लसन के मुताबिक, अमेरिका इसी हफ्ते पिकैक्स माउंटेन में मौजूद ईरान के अंडरग्राउंड ठिकाने पर हमला कर सकता है. हालांकि, यह कार्लसन का दावा है. अगर कार्लसन का दावा सही है तो एक्सप्रर्ट्स मानते हैं कि अमेरिका के पास सिर्फ एक परमाणु बम है, जो अंडरग्राउंड धमाका कर सके. ये B61-11 बम है, जिसे इस तरह के हमले के लिए संभावित विकल्प माना जा रहा है.
पिकैक्स माउंटेन पर हमला मुश्किल क्यों?
B61-11 बम की क्या है खासियत?
B61-11 अमेरिका का परमाणु बम है, जिसे जमीन के भीतर मौजूद मजबूत ठिकानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया था. यह B61 बम परिवार का हिस्सा है. इसने 1997 में अमेरिकी सेना की सेवा में जगह बनाई थी. इस बम का बाहरी ढांचा मजबूत बनाया गया है. जमीन से टकराने के बाद यह कुछ गहराई तक धंस सकता है और फिर विस्फोट करता है. इसका मकसद विस्फोट की ऊर्जा को जमीन और चट्टानों के भीतर पहुंचाना है, ताकि अंडरग्राउंड सुरंगों और ठिकानों को नुकसान हो. इसका वजन करीब 549 किलोग्राम बताया गया है. इसकी वास्तविक विस्फोटक क्षमता पब्लिक नहीं है. इसकी ताकत के अलग-अलग अनुमान लगाए जाते हैं. कुछ आकलन इसे 340 किलोटन तक बताते हैं, जबकि एक अन्य आकलन में 400 किलोटन का जिक्र है.
हालांकि, यह बम पहाड़ के अंदर 100 मीटर तक सुरंग बनाकर नहीं पहुंच सकता. अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, इसका ढांचा इसे जमीन में करीब 15 से 25 फीट तक धंसने में मदद कर सकता है. इसके बाद विस्फोट से पैदा होने वाला तेज झटका चट्टानों के भीतर फैलता है और अंडरग्राउंड ढांचे को नुकसान पहुंचा सकता है.
क्या बिना परमाणु बम के भी ठिकाना तबाह हो सकता है?
भूमिगत युद्ध की विशेषज्ञ डैफ्ने रिचमंड बराक ने Firstpost से बातचीत में कहा कि पिकैक्स माउंटेन को पारंपरिक बमों से भी निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने 2024 में बेरूत में हिज्बुल्लाह के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह के ठिकाने पर इजरायली हमले का उदाहरण दिया. उनके मुताबिक, इजरायल ने एक ही जगह पर लगातार मिसाइलें दागीं. इससे जमीन और कंक्रीट की सुरक्षा परत को तोड़ने की कोशिश की गई. बराक के अनुसार, उस हमले में 10 सेकंड के भीतर 80 टन विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. पिकैक्स माउंटेन के मामले में भी कई बंकर-भेदी बमों को एक के बाद एक लगभग एक ही जगह गिराने की जरूरत पड़ सकती है.