Kota Youngest Sarpanch: 23 साल की उम्र में सरपंच बने सौरभ मीणा, अब पांच साल में पंचायत का नाम चमकाने की ठानी

Kota Youngest Sarpanch: 23 साल की उम्र में सरपंच बने सौरभ मीणा, अब पांच साल में पंचायत का नाम चमकाने की ठानी


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Kota Youngest Sarpanch Saurabh Meena: कोटा की लुहावद पंचायत में 23 वर्षीय बीए पास सौरभ मीणा ने सरपंच बनकर युवा नेतृत्व की मिसाल पेश की है. पढ़ाई के दौरान जनसेवा करने वाले सौरभ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सरकारी योजनाओं का लाभ हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया है. उनका लक्ष्य अपने पांच साल के कार्यकाल में इस पंचायत को राजस्थान की सबसे टॉप पंचायत बनाना है, जिससे ग्रामीणों में काफी उम्मीदें जगी हैं.

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कोटा: कोटा जिले की ग्राम पंचायत लुहावद ने इस बार के पंचायत चुनावों में युवा नेतृत्व पर अपना पूरा भरोसा जताया है. बीए पास मात्र 23 वर्षीय सौरभ मीणा ने शानदार जीत दर्ज कर सरपंच पद हासिल किया है. इतनी कम उम्र में गांव की सर्वोच्च कमान मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में उनकी और उनके कार्यों की चर्चा जोरों पर है. जीत के तुरंत बाद सौरभ ने कहा कि ग्रामीणों ने जिस उम्मीद और विश्वास के साथ उन्हें चुना है, उस पर पूरी तरह खरा उतरना ही अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.

सौरभ पिछले तीन से चार सालों से अपनी पढ़ाई के साथ-साथ पंचायत भवन में लगातार बैठकर बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंदों की मदद करते आ रहे थे. वे सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से जुड़े कागजी कार्यों में ग्रामीणों का हमेशा सहयोग करते थे. स्थानीय लोगों का मानना है कि इसी सेवा भाव, विनम्रता और लगातार जनता के बीच बने रहने के कारण ही उन पर सभी का गहरा भरोसा कायम हुआ है. सौरभ का यह भी कहना है कि बचपन से ही उनका मुख्य सपना समाज और देश की सेवा करना रहा है.

शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और विकास पर विशेष फोकस
नवनिर्वाचित सरपंच सौरभ मीणा ने अपनी प्राथमिकताएं साझा करते हुए बताया कि उनके एजेंडे में सबसे ऊपर शिक्षा के स्तर में सुधार और युवाओं के लिए खेलकूद की सुविधाओं को बढ़ावा देना शामिल है. इसके अलावा, उन्होंने गांव की चिकित्सा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में मेडिकल सुविधाओं की कमी है और अस्पताल तक पहुंचने के लिए एंबुलेंस जैसी जरूरी व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है. वे जल्द ही इन सभी बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेकर इन्हें बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास करेंगे.

जनता के सपनों को साकार करने का संकल्प
सौरभ का मुख्य लक्ष्य है कि सरकार की सभी मूलभूत सुविधाएं और योजनाओं का लाभ पंचायत के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण करना और ग्रामीणों की आवाज़ को केंद्र तथा राज्य सरकार तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने दृढ़ संकल्प लिया है कि अपने पांच साल के कार्यकाल में वे लुहावद पंचायत को इतना अधिक विकसित करेंगे कि इसका नाम राजस्थान की सर्वश्रेष्ठ पंचायतों की सूची में शामिल हो सके.



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