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Jharkhand Beef Biryani Politics: रांची में गो तस्करी के आरोप में पकड़े गए वाहन को जलाने की घटना से शुरू हुआ विवाद अब सड़क से निकलकर सियासत के केंद्र में पहुंच गया है. बीजेपी केविधायक सीपी सिंह के ‘मुस्लिम होटल’ और ‘बीफ बिरयानी’ वाले बयान ने इस मुद्दे को नया मोड़ दे दिया है. विधायक ने गो हत्या और बकरीद पर गाय की कुर्बानी का भी दावा किया और पुराने कानून को सख्ती से लागू करने की मांग की है. इसके बाद कांग्रेस, जेएमएम और मुस्लिम धर्मगुरु, सभी मैदान में आ गए हैं और जिस विवाद की शुरुआत गो तस्करी और जली गाड़ी से हुई थी, वह अब ‘बीफ बिरयानी’ के जरिए रांची की सियासत में नया रंग ले चुका है. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.
बीजेपी विधायक सीपी सिंह बोले मुस्लिम होटलों में बिकती है बीफ बिरयानी (AI जेनरेटेड)
रांची में दो दिन पहले गो तस्करी और वाहन जलाने की घटना के बाद झारखंड में सियासत तेज हो गई है. इसी क्रम में सात बार के बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने बड़ा बयान देकर एक और विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि रांची के मुस्लिम होटलों में बीफ बिरयानी बिकती है और मुस्लिम होटल के बगल से गुजरने पर वह अपनी कार का शीशा बंद कर लेते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बकरीद पर बकरे की जगह गायों की कुर्बानी दी जाती है. इसके साथ ही सीपी सिंह ने रघुवर सरकार के समय गौ हत्या पर बने कानून को झारखंड राज्य में सख्ती से लागू करने की मांग की है.
गो तस्करी के बाद जली गाड़ी, अब बयान से गरमी
बता दें कि दो दिन पहले ही रांची के पिस्का मोड़ इलाके में कथित गो तस्करी की सूचना के बाद भीड़ ने वाहन को आग लगा दी थी. पुलिस के मुताबिक इस मामले में वाहन मालिक समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि वाहन में मवेशियों को ले जाने की सूचना मिली थी और मौके पर पहुंचने तक बड़ी संख्या में लोग जमा हो चुके थे. इसी घटना के बाद बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने रांची में गो हत्या और गोमांस की बिक्री को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि कुछ मुस्लिम होटलों में ‘बीफ बिरयानी’ बिकती है. उन्होंने कहा कि ऐसे होटलों के पास से गुजरते समय वह अपनी कार का शीशा बंद कर लेते हैं. सीपी सिंह ने बकरीद के दौरान बकरों की जगह गायों की कुर्बानी दिए जाने का भी दावा किया. उन्होंने रघुवर सरकार के समय बने गो हत्या प्रतिबंध संबंधी कानून को सख्ती से लागू करने की मांग की.
कांग्रेस ने बीजेपी पर ही उठाया सवाल
सीपी सिंह के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एम तौसीफ ने कहा कि बीजेपी विधायक के पास इस मामले में पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि बकरीद पर बकरों की ही कुर्बानी दी जाती है. तौसीफ ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए गोमांस निर्यात कारोबार से जुड़े लोगों और बीजेपी के बीच संबंधों का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि अलाना ग्रुप से बीजेपी को 30 करोड़ रुपये का चंदा मिला है. यह कांग्रेस प्रवक्ता का राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है. कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे बयान से रांची का अमन-चैन और भाईचारा प्रभावित हो सकता है.
JMM बोला- जानकारी है तो प्रशासन को बताइए
मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी बीजेपी विधायक से सीधे सवाल किया. JMM केंद्रीय समिति के सदस्य अंतु तिर्की ने कहा कि अगर सीपी सिंह को जानकारी है कि कहां गोमांस बिक रहा है या कहां गो हत्या हो रही है तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य में गोवंश की हत्या और उससे जुड़े कारोबार को लेकर कानून पहले से मौजूद है और सरकार को उसका पालन सख्ती से कराना चाहिए. झारखंड में 2005 का कानून गोवंश की हत्या पर रोक लगाता है. कानून में गोवंश के मांस के कब्जे और बिक्री पर भी प्रावधान हैं. उल्लंघन की स्थिति में सजा का प्रावधान किया गया है.
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा- बयान से टारगेट करने की कोशिश
इसी कड़ी में न्यूज18 से बातचीत में एदार ए शरिया के अध्यक्ष कुतुबुद्दीन रिजवी ने सीपी सिंह के दावों को खारिज किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक इस मुद्दे से राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रहे हैं. कुतुबुद्दीन रिजवी ने सवाल उठाया कि अगर किसी इलाके में गो हत्या या प्रतिबंधित मांस की बिक्री की जानकारी है तो प्रशासन को इसकी सूचना दी जानी चाहिए. उन्होंने ‘मुस्लिम होटल’ को लेकर दिए गए बयान को मुस्लिम समाज को निशाना बनाने वाला बताया और कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है. उन्होंने गोमांस निर्यात करने वाली कंपनियों के नाम में ‘अरबी’ नाम होने को लेकर भी राजनीतिक जवाब दिया और बीजेपी पर सवाल उठाए. वहीं रातू मुस्लिम महापंचायत के सदर कमरुल हक रिजवी ने भी इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति जताई.
अब मुद्दा सिर्फ गो तस्करी तक सीमित नहीं
वहीं, रांची में फिलहाल विवाद के दो अलग-अलग हिस्से दिखाई दे रहे हैं. एक तरफ पुलिस के सामने कथित गो तस्करी और वाहन जलाने का मामला है, जिसमें कार्रवाई चल रही है. दूसरी तरफ उसी घटना के बाद नेताओं के बयान ने गो हत्या, गोमांस और मुस्लिम होटलों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा इस बात से तय होगी कि प्रशासन कथित गो तस्करी और गो हत्या से जुड़े मामलों में क्या कार्रवाई करता है और राजनीतिक दल इस मुद्दे को किस तरह आगे उठाते हैं.