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होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों के समुद्री माइंस से टकराने के बाद धमाके का ईरानी IRGC नौसेना ने दावा किया है. इनमें एक सुपरटैंकर में आग लग गई. इससे पहले कतर से LNG लेकर पाकिस्तान जा रहे Al Mayeda जहाज पर भी हमला हुआ था. जहाज पर 6 भारतीयों समेत 25 क्रू सदस्य सवार थे और सभी सुरक्षित रहे. पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने इस हमले के पीछे ईरान का हाथ होने का आरोप लगाया है.
होर्मुज में शिप जला. (Reuters/File)
Hormuz Ship Attack News: दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि यहां से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर समुद्री माइंस से टकराने के बाद धमाके का शिकार हो गए. इनमें एक सुपरटैंकर भी शामिल है, जिसमें जोरदार विस्फोट के बाद आग लग गई और वह जलता रहा. इस घटना ने पहले कतर से LNG लेकर पाकिस्तान जा रहे जहाज पर हुए हमले की याद भी ताजा कर दी है. IRGC नौसेना के मुताबिक, दोनों तेल टैंकर एक ऐसे समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जिसे ईरान ने अधिकृत नहीं बताया है.
ईरानी नौसेना का आरोप है कि जहाजों ने अपने नेविगेशन और पहचान सिस्टम बंद कर दिए थे. वे अमेरिकी सैन्य बल की मदद से सीक्रेट तरीके से इस रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे. ईरानी बयान के अनुसार, माइंस से टकराने के बाद दोनों जहाजों को घटनास्थल पर ही रोक दिया गया. एक सुपरटैंकर में जोरदार धमाका हुआ और उसमें आग लग गई. हालांकि, इन जहाजों की पहचान, नुकसान और घटना की से जुड़ी जानकारी अभी नहीं आई है.
पाकिस्तान जा रहे LNG जहाज पर हुआ था हमला
पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने ईरान पर उठाए सवाल
Al Mayeda पर हुए हमले को लेकर पाकिस्तान में भी सवाल उठ रहे हैं. पाकिस्तानी जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट कमर चीमा ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस घटना के पीछे ईरान का हाथ होने का आरोप लगाया है. कमर चीमा ने कहा कि ईरान किसी भी हाल में होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब ईरान को पता था कि कतर से गैस लेकर यह जहाज पाकिस्तान जा रहा है, तो फिर उसे निशाना क्यों बनाया गया? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने जहाज की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान से बातचीत की थी. इसके बावजूद हमला हुआ. चीमा के मुताबिक, ईरान सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान का शुक्रिया अदा करता है, लेकिन इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या वह अपने करीबी देशों के हितों का भी ध्यान रख रहा है.
पाकिस्तान के लिए क्यों बढ़ सकती है मुश्किल?
पाकिस्तान पहले से ही ऊर्जा की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में कतर से आने वाली LNG की सप्लाई उसके लिए बेहद अहम है. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से पाकिस्तान के सामने गैस का संकट और गहरा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में होर्मुज से LNG की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर की करीब 30 फीसदी थी. सितंबर से कतर लगातार इस रास्ते से LNG भेज रहा था. लेकिन जहाजों पर हमले और समुद्री रास्तों को लेकर बढ़ते खतरे ने इस सप्लाई को अनिश्चित बना दिया है.
इससे पहले 30 अक्टूबर को ओमान के खासाब के उत्तर-पूर्व में करीब 25 नॉटिकल मील दूर एक टैंकर पर हमला हुआ था. UKMTO के मुताबिक, एक छोटी नाव से आए लोगों ने जहाज के बाहरी हिस्से पर दो विस्फोटक उपकरण लगाए थे. इसके बाद इंजन रूम में आग लग गई और जहाज कुछ समय के लिए काम करना बंद कर गया. हालांकि, सभी क्रू सदस्य सुरक्षित थे.