वर्दी में रील पर रोक, बतानी होगी सोशल मीडिया की कमाई; MP में पुलिसवालों पर लगा ‘ब्रेक’

वर्दी में रील पर रोक, बतानी होगी सोशल मीडिया की कमाई; MP में पुलिसवालों पर लगा ‘ब्रेक’


Last Updated:

Madhya Pradesh Police Social Media Guidelines: मध्य प्रदेश पुलिस के लिए सोशल मीडिया को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की गई है. अब एमपी के पुलिसवाले वर्दी में कोई भी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा ChatGPT पर सरकारी दस्तावेज अपलोड करने तक पर रोक लगा दी गई है. वहीं जो पुलिसकर्मी सोशल मीडिया से कमाई कर रहे हैं. उन्हें भी 30 दिनों के अंदर कमाई बतानी होगी.

Zoom

एमपी में पुलिस वाले अब वर्दी में नहीं अपलोड कर पाएंगे रील (AI फोटो)

Madhya Pradesh Police Social Media Guidelines: मध्य प्रदेश में रीलबाज पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के लिए एमपी सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है. इसमें यह बताया गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करना है. बताया जा रहा है कि अब पुलिसवाले वर्दी में रील, फोटो और ऑडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर पाएंगे. पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्ती दिखाई गई है.

पुलिस मुख्यालय से जो आदेश जारी किया गया है. उसमें बताया गया है कि पुलिसकर्मी अब ड्यूटी के दौरान या बाद में वर्दी में फोटो और वीडियो अपलोड नहीं कर सकते हैं और इस पर रोक लगाई है. बताया जा रहा है कि कई पुलिसकर्मी वर्दी का इस्तेमाल करके सोशल पर लाखों रुपए की कमाई कर रहे थे. उन्हें इस आदेश के बाद झटका जरूर लगा है.

AI पर संवेदनशील जानकारी शेयर करने पर लगी रोक
आदेश में यह भी बताया गया है कि गोपनीय सरकारी दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट और स्कैन कॉपी जैसी संवेदनशील जानकारी चैट जीपीटी, जेमिनी जैसे एआई टूल्स पर शेयर करना करना या अपलोड करने पर मनाही है. इस पर अब पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है. इसके अलावा संवेदनशील ड्यूटी में लोकेशन, कार्यस्थल और जियो-टैगिंग साझा करने पर रोक लगाई गई है.

30 दिन के अंदर बतानी होगी कमाई
शासन की अनुमति के बिना सोशल मीडिया मॉनेटाइजेशन और पेड प्रमोशन पर भी पाबंदी लगी है. वहीं अगर कोई पुलिसकर्मी सोशल मीडिया से कमाई कर रहा है, तो उसको 30 दिन के अंदर अपनी कमाई का विवरण देना होगा. वहीं जांच और जनसुनवाई के दौरान पीड़ित, साक्षी, आरोपी और बाल अपराधियों की पहचान सार्वजनिक करने पर तत्काल प्रभाव से रो लगाई गई है. अगर किसी कारणवश इनके फोटो या वीडियो शेयर भी करने पड़ते हैं, तो उनके चेहरे को धुंधला करना बहुत ही जरूरी है.

पुलिसकर्मी अपने निजी अकाउंट से सरकारी नीतियों और योजनाओं पर राय व्यक्त नहीं करेंगे. इसके अलावा सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक या धार्मिक बयान देने से भी बचने के लिए कहा गया है. इसके अलावा निजी मोबाइल में सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट लॉगिन करने पर भी पाबंदी रहेगी. सभी नियमों का तुरंत पालन करने के आदेश दिए गए हैं.



Source link