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टीवी इंडस्ट्री से दु:खद खबर सामने आई है. अभी लोग जाने माने डायरेक्टर संजय गुप्ता के निधन के सदमे से बाहर भी नहीं आए थे कि ‘बंधन साथ जनमों का’ फेम एक्टर अनुज ठाकुर का महज 30 साल की उम्र में निधन हो गया है.उनके यूं अचानक चले जाने से उनके परिवार और करीबी दोस्त को बड़ा झटका लगा है. कास्टिंग डायरेक्टर रूपेश सोनार ने अनुज के आखिरी पलों को याद करते हुए बताया कि रोज सुबह 4:30 बजे उठने वाले एक्टर उस दिन अलार्म बजने के बाद भी नहीं उठ रहे थे.
कई शोज में आ चुके नजर (फोटो साभार :instagram@anujthakur247)
नई दिल्ली. टीवी की दुनिया के जाने माने एक्टर अनुज ठाकुर का महज 30 साल की उम्र में निधन हो गया है.’बंधन साथ जनमों का’ और ‘धूम मचाओ धूम’ जैसे शोज में उन्होंने जो काम किया, लोगों ने उसे काफी पसंद किया था. अब महज 30 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके अचानक निधन से परिवार, दोस्त और टीवी इंडस्ट्री के लोग सदमे में हैं.
अनुज के दोस्त रूपेश सोनार ने इस जानकारी को लोगों तक पहुंचाया. उन्होंने अनुज को याद करते हुए बताया कि उनकी मुलाकात एक्टर से निधन से करीब 10 दिन पहले ही हुई थी. उस वक्त अनुज काफी खुश थे. वो तो खुद दोबारा एक्टिंग में लौटने की तैयारी कर रहे थे. रूपेश को अंदाजा ही नहीं था कि ये उनसे उनकी आखिरी मुलाकात होगी.उन्होंने अनुज की मौत से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाएगी.
2008 में हुई ती रूपेश-अनुज की दोस्ती
रूपेश ने अपने दोस्त अनुज के निधन के बारे में बात करते हुए कहा कि दोनों साल 2008 में मिले थे. वह पहली बार टीवी शो ‘बंधन साथ जनमों का’ के सेट पर ही मिले थे. इसके बाद कई दूसरे शोज में भी दोनों ने साथ काम किया था. रूपेश अनुज को सिर्फ अपना दोस्त ही नहीं, बल्कि उन्हें अपना छोटे भाई मानते थे. अनुज के बारे में रूपेश को 30 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे पता चला था. उन्हें ये जानकारी एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मिली थी. ये खबर मिलते ही वह उनके परिवार से मिलने पहुंचे थे.
जगाने गए थे तो थम चुकी थीं सांसें
रूपेश ने बताया कि अनुज का ये नियम था कि वह सुबह करीब 4:30 बजे नींद से जग जाते थे. वह हमेशा सुबह उठकर जॉगिंग और एक्सरसाइज करते थे.लेकिन 30 अक्टूबर की सुबह ऐसा नहीं हुआ. अनुज का अलार्म सुबह 4:30 बजे ही बज गया, लेकिन वह उठे नहीं. लेकिन बाद में जब उनकी मां उनके पास उन्हें जगाने गई तो उनकी सांसें थम चुकी थीं. रूपेश ने बताया कि मां के लिए यह पल बेहद दुखद था.अपने दोस्त को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह बहुत ही खुशमिजाज इंसान था.
बता दें कि रूपेश और अनुज ने दोनों ने साथ में कई नए प्रोजेक्ट्स करने की प्लानिंग की थी. लेकिन उनके यूं अचानक निधन से सारे सपने पूरे होने से पहले ही टूट गए. खुद रूपेश के लिए भी इस सच को स्वीकार करना बहुत मुश्किल है. उन्हें ताउम्र ये मलाल रहेगा कि उनका दोस्त इतनी कम उम्र में ही उन्हें छोड़कर चला गया. अनुज ठाकुर ने अपने करियर में ‘धूम मचाओ धूम’, ‘बंधन साथ जनमों का’, ‘बींद बनूंगा घोड़ी चढ़ूंगा’ और ‘महिसागर’ जैसे टीवी शोज में काम किया था.