बांग्लादेश की एयरफोर्स कुछ छिपा रही है? पूर्व अधिकारी की हत्या से उठे 6 सवाल, पिता ने भी मांगे जवाब

बांग्लादेश की एयरफोर्स कुछ छिपा रही है? पूर्व अधिकारी की हत्या से उठे 6 सवाल, पिता ने भी मांगे जवाब


बांग्लादेश में वायुसेना के पूर्व अधिकारी तहसिफ सौरी की हत्या ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब तक नहीं मिला है. इससे बांग्लादेश की सेना ही सवालों के घेरे में आ गई है. 28 अक्टूबर को सौरी की लाश ढाका के बाहरी इलाके में तुराग नदी से मिली थी. परिवार का आरोप है कि उनकी हत्या कर शव को नदी में फेंका गया. इस मामले में उनके एक करीबी दोस्त अहमद शाहरियार रजा द्विप को गिरफ्तार किया गया है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या द्विप ही इस हत्या के पीछे था, या किसी और ने पूरी साजिश रची थी? तहसिफ वही अधिकारी हैं जिन्होंने बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के देश छोड़ने का वीडियो बनाया था.

इस हत्या के बाद बांग्लादेश एयरफोर्स (BAF) की भूमिका और उसके कुछ फैसलों पर भी सवाल उठ रहे हैं. नॉर्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सौरी को अगस्त 2024 में कथित तौर पर ‘अनैतिक आचरण’ के आधार पर नौकरी से बर्खास्त किया गया था. इसके बाद 24 सितंबर को एक गोपनीय दस्तावेज के जरिए उन्हें सेना, नौसेना और वायुसेना के कई प्रतिबंधित ठिकानों में प्रवेश से रोकने की प्रक्रिया शुरू की गई. सवाल यही कि आखिर एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ इतनी सख्ती क्यों दिखाई गई? क्योंकि इस तरह से किसी पूर्व अधिकारी को आने से ही बैन करना ऐसी सख्ती है जो आम तौर पर नहीं होती. इसे से सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनकी बर्खास्तगी और हत्या के बीच कोई संबंध है?

दोस्त के साथ गए, फिर कभी नहीं लौटे

तहसिफ सौरी 27 अक्टूबर की शाम करीब 6:15 से 6:30 बजे के बीच अपने उत्तरा स्थित घर से निकले थे. परिवार के मुताबिक, उनके दोस्त द्विप ने नीचे से फोन किया था. सौरी ने अपनी मां से कहा था कि वह उससे थोड़ी देर बात करके लौट आएंगे. लेकिन वह वापस नहीं आए. परिवार उन्हें लगातार फोन करता रहा. रात करीब 1:35 बजे सौरी ने मैसेंजर पर एक वॉयस मैसेज भेजा और कहा कि वह रास्ते में हैं. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कहां से लौट रहे हैं. इसके बाद परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो सका. अगले दिन पुलिस ने परिवार को सूचना दी कि सौरी का शव तुराग नदी के राजबाड़ी घाट इलाके में मिला है. उनके पिता एनेयेतुल करीम ने शुक्रवार देर रात अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया. शिकायत में आरोप लगाया गया कि सौरी की हत्या कर शव को नदी में फेंका गया, ताकि अपराध छिपाया जा सके. पिता का कहना है कि उनका बेटा तैराकी जानता था, इसलिए डूबकर मरने की बात गलत है.

CCTV में दिखा दोस्त, लेकिन असली साजिशकर्ता कौन?

इस मामले की जांच में ढाका और उसके आसपास की चार अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज अहम माने जा रहे हैं. इन फुटेज से संकेत मिले हैं कि सौरी अपने एक परिचित के साथ थे और बाद में उनका पीछा किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें एक सुनसान नदी तक ले जाकर कथित तौर पर डुबोया गया. परिवार ने CCTV फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की पहचान अहमद शाहरियार रजा द्विप के रूप में की है. वह सौरी का दोस्त और कारोबारी सहयोगी बताया जाता है. पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) ने द्विप को 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया. बाद में नदी पुलिस ने भी उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और ढाका की एक अदालत ने पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की. लेकिन द्विप की गिरफ्तारी से सबसे बड़ा सवाल खत्म नहीं होता. क्या वह खुद इस हत्या में शामिल था या किसी और के इशारे पर काम कर रहा था? अगर किसी ने उसे इस साजिश में शामिल किया, तो वह कौन है और सौरी को मरवाने के पीछे उसका मकसद क्या था?

पिता ने उठाए सवाल

सौरी के पिता ने बेटे की मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सौरी ट्रेन्ड तैराक था. ऐसे में उनका नदी में डूबकर मर जाना परिवार के लिए संदेह पैदा करता है. बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि अगर कोई उनका पीछा भी कर रहा होता, तब भी सौरी उससे भागने वाले नहीं थे. उनके मुताबिक, एक कमीशंड अधिकारी से इस तरह डरकर भागने की उम्मीद नहीं की जा सकती.

हसीना के भारत जाने वाले वीडियो से क्या है कनेक्शन?

इस हत्या का एक अहम पहलू 5 अगस्त 2024 का वह वीडियो है, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने से पहले की तैयारियां दिखाई देने का दावा किया गया है. उस समय बांग्लादेश में छात्र आंदोलन और हिंसा के बीच हसीना भारत चली आई थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीडियो को सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर साझा करने वालों में तहसिफ सौरी भी शामिल थे. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह वीडियो बांग्लादेश एयरफोर्स के एक ठिकाने से फ्लाइट लेफ्टिनेंट रिफात अशरफी ने अपने मोबाइल से बनाया था. अशरफी को भी 14 अगस्त 2024 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. हालांकि, इस वीडियो और सौरी की हत्या के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है. यही वजह है कि जांच में यह सवाल अहम हो गया है कि क्या सौरी की हत्या का संबंध उस वीडियो को फैलाने या उससे जुड़ी किसी जानकारी से था?

एयरफोर्स ने सौरी को नौकरी से क्यों निकाला था?

रिपोर्ट के मुताबिक, सौरी को अगस्त 2024 में ‘अनैतिक आचरण’ के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया था. बताया गया है कि वह कुछ अन्य युवा अधिकारियों के साथ कुरमिटोला एयरबेस पर हुई एक पार्टी में शामिल थे. हालांकि, उनके खिलाफ किस खास गतिविधि को अनैतिक माना गया, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में बांग्लादेश एयरफोर्स के 24 सितंबर के एक गोपनीय दस्तावेज का भी जिक्र है. इस पर एयर कमोडोर सैयद फखरुद्दीन मसूद के हस्ताक्षर बताए गए हैं. दस्तावेज में सौरी को बर्खास्त अधिकारी बताते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की भी बात कही गई थी.

एयरफोर्स की प्रक्रिया पर सवाल

इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर सौरी पर गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप थे, तो उनके खिलाफ कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी या कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई. सवाल ये भी उठा कि एयरफोर्स ने उन्हें नौकरी से हटाने के बाद ब्लैकलिस्ट करने में भी खास दिलचस्पी दिखाई. सौरी ने एक वीडियो पॉडकास्ट में अपनी बर्खास्तगी को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील नहीं की, लेकिन कुछ अधिकारियों से उन्हें शिकायत थी. सौरी ने तत्कालीन एयर इंटेलिजेंस निदेशक एयर कमोडोर महबूब का नाम लेते हुए आरोप लगाया था कि उनसे इस्तीफे का पत्र लिखने और उस पर हस्ताक्षर करने को कहा गया था. उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्होंने गिरफ्तारी और कोर्ट मार्शल की मांग की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सौरी के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके खिलाफ कहानी को अपने तरीके से पेश किया, जिससे उन्हें सामाजिक रूप से शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. न्यूज-18 इंडिया इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

सौरी की मौत से कौन से सवाल उठे

सौरी की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन उसकी अहम जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं. ऐसे में यह साफ नहीं है कि उनकी मौत की वजह के बारे में मेडिकल जांच में क्या सामने आया. इस मामले में फिलहाल कई सवाल अनसुलझे हैं.

  • क्या द्विप ने खुद हत्या की साजिश रची या वह किसी और के इशारे पर काम कर रहा था?
  • अगर सौरी को रास्ते से हटाने के पीछे कोई बड़ा मकसद था, तो वह राजनीतिक था, निजी था या एयरफोर्स से जुड़ा?
  • सौरी को नौकरी से हटाने के बाद सभी सैन्य प्रतिष्ठानों से ब्लैकलिस्ट करने की जरूरत क्यों पड़ी?
  • उनके खिलाफ कोर्ट मार्शल या कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी क्यों नहीं हुई?
  • शेख हसीना के भारत जाने से जुड़े वीडियो को साझा करने का उनकी हत्या से कोई संबंध था या नहीं?
  • पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और CCTV फुटेज से जांच एजेंसियों को क्या अहम जानकारी मिली है?



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