22 Km में 76 फीसदी हिस्सा प्रदूषित, LG टीएस संधू ने बताया यमुना का हाल
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गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाना है तो यमुना की सफाई भी जरूरी है. दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने 1 नवंबर को दिल्ली पब्लिक स्कूल मथुरा रोड के वार्षिक समारोह में यह बात कही. उन्होंने बताया कि यमुना की कुल लंबाई का दो फीसदी से भी कम हिस्सा दिल्ली में है, लेकिन यहां के 22 किलोमीटर हिस्से में नदी के कुल प्रदूषण का करीब 76 फीसदी है. एलजी ने छात्रों से नदियों में प्लास्टिक और पूजा सामग्री नहीं डालने तथा परिवार और दोस्तों को जागरूक करने की अपील की है.
दिल्ली पब्लिक स्कूल मथुरा रोड के वार्षिक समारोह में छात्रों को संबोधित करते दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू. (Image: X/@LtGovDelhi)
नई दिल्ली: गंगा को साफ और निर्मल बनाना है तो यमुना को भी साफ करना होगा. यमुना के जरिए दिल्ली का सीधा जुड़ाव गंगा से है. ऐसे में दिल्ली में यमुना की सफाई का असर पूरी गंगा नदी को स्वच्छ बनाने की कोशिशों पर भी पड़ता है. यह बात दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने 1 नवंबर को मथुरा रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के वार्षिक समारोह में कही है. इस साल कार्यक्रम की थीम ‘गंगा – एक अविरल धारा’ रखी गई थी. छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने नदियों को साफ रखने और प्रकृति की रक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया.
दिल्ली में यमुना की स्थिति का जिक्र करते हुए एलजी टीएस संधू ने कहा कि गंगा भले ही दिल्ली से दूर दिखाई देती हो, लेकिन यमुना के जरिए उसका दिल्ली से सीधा संबंध है. यमुना बेसिन, गंगा बेसिन का करीब 40 फीसदी हिस्सा है. प्रयागराज में यमुना और गंगा का संगम होता है. उन्होंने बताया कि यमुना की कुल लंबाई का दो फीसदी से भी कम हिस्सा दिल्ली में पड़ता है, लेकिन इसी 22 किलोमीटर के हिस्से में नदी के कुल प्रदूषण का करीब 76 फीसदी हिस्सा दर्ज होता है. ऐसे में यमुना को साफ किए बिना गंगा को पूरी तरह स्वच्छ बनाने का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा.
गंगा सिर्फ नदी नहीं, भारत की पहचान है
उपराज्यपाल ने कहा कि गंगा भारत की सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का अहम हिस्सा रही है. सदियों से इस नदी ने लोगों को जीवन, रोजगार और पहचान दी है. गंगा के किनारे शिक्षा, तीर्थ और सांस्कृतिक गतिविधियों के कई केंद्र विकसित हुए हैं. उन्होंने कहा कि गंगा के प्रति सम्मान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए. नदियों को साफ रखना, पानी का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना और प्रकृति की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है. प्रधानमंत्री के संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मां गंगा को स्वच्छ रखना हम सभी की बड़ी जिम्मेदारी है.
छात्रों से की खास अपील
एलजी टीएस संधू ने छात्रों से अपील की कि वे नदियों में प्लास्टिक और पूजा सामग्री न डालें. साथ ही अपने परिवार और दोस्तों को भी इस बारे में जागरूक करें. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी कोशिशें भी नदियों को साफ रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि दिल्ली में यमुना साफ होगी तो पूरे देश में गंगा को स्वच्छ बनाने की कोशिशों को भी मजबूती मिलेगी.
डीपीएस के 77 साल पूरे होने पर दी बधाई
दिल्ली पब्लिक स्कूल मथुरा रोड की स्थापना के 77 साल पूरे होने पर उपराज्यपाल ने स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि डीपीएस सोसायटी के प्रमुख स्कूल के तौर पर इस संस्थान ने शिक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान दिया है. कार्यक्रम में मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर अवतरण की कथा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी हुई. इस पर एलजी ने कहा कि थिएटर, संगीत और डांस जैसी गतिविधियां बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना बढ़ाती हैं. साथ ही ये बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ती हैं.