वोट चोरी के आरोपों पर CM फडणवीस का मास्टरस्ट्रोक, कांग्रेस को दिलाई 1975 के अदालती फैसलों की याद

वोट चोरी के आरोपों पर CM फडणवीस का मास्टरस्ट्रोक, कांग्रेस को दिलाई 1975 के अदालती फैसलों की याद


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Devendra Fadnavis News: विपक्षी गठबंधन के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर देवेन्द्र फडणवीस ने सीधा और करारा पलटवार करते हुए कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है. ठाणे में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च में गरजे फडणवीस ने दो टूक कहा कि जो लोग आज वोट चोरी का शोर मचा रहे हैं, उन्होंने आपातकाल के दौर में पूरा का पूरा ‘संविधान चुराने’ का गुनाह किया था.

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Devendra Fadnavis Attack Rahul Gandhi: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विपक्ष पर ‘वोट चोरी’ के उसके आरोपों को लेकर रविवार को पलटवार करते हुए कांग्रेस पर आपातकाल के दौरान ‘संविधान चोरी’ करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया.

फडणवीस ने ठाणे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च को संबोधित करते हुए दावा किया कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिशों के तहत अंतरराष्ट्रीय ताकतों और सोशल मीडिया एल्गोरिदम का इस्तेमाल गलत सूचनाएं फैलाने और देश को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “जो लोग ‘वोट चोरी’ का शोर मचाते हैं, उन्होंने खुद ‘संविधान की चोरी’ की है. वे ही असली संविधान चोर हैं.”

वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्वाचन को रद्द करने संबंधी इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में उन्हें केवल सशर्त राहत दी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विशेष रूप से न्यायपालिका को उनके चुनाव की जांच करने से रोकने के लिए, पिछली तारीख से लागू होने वाला संवैधानिक संशोधन लायी थी.

उन्होंने दावा किया, “इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ही वह पहली पार्टी थी जिसने देश में संविधान, न्यायपालिका और लोकतंत्र को कमजोर किया.” आपातकाल के दौरान लाए गए 42वें संविधान संशोधन का जिक्र करते हुए फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने मौलिक अधिकारों की रक्षा करने वाले सुरक्षा उपायों को सुनियोजित तरीके से कमजोर कर दिया था. उन्होंने कहा कि 1977 में जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद ही ऐसे और संशोधन पारित किए गए जिनसे ये सुरक्षा उपाय बहाल हुए और यह सुनिश्चित हुआ कि प्रधानमंत्री भी संविधान के दायरे में रहें.

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का हवाला देते हुए फडणवीस ने कहा कि मौलिक अधिकार संविधान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता हैं क्योंकि वे अंतिम व्यक्ति तक समानता, सामाजिक सद्भाव और न्याय सुनिश्चित करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष मतदाता सूचियों से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के नाम हटाए जाने को लेकर विशेष रूप से चिंतित है.

उन्होंने कहा, “हम मतदाता सूचियों से आखिरी बांग्लादेशी घुसपैठिए का नाम हटाए जाने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे. भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार है, लेकिन अवैध घुसपैठियों को इस अधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.” फडणवीस ने कहा कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च एक बड़े संघर्ष की सिर्फ शुरुआत है.

छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रीय आदर्शों के लिए बलिदान की समृद्ध परंपरा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और समर्थक अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण तक हम नहीं रुकेंगे.’’



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