Panchkula Horror | Panchkula School Horror | 8 साल के बच्चे ने मासूम को ईंट-गमले से पीटा, पिता से बोला

Panchkula Horror | Panchkula School Horror | 8 साल के बच्चे ने मासूम को ईंट-गमले से पीटा, पिता से बोला


Panchkula School Horror: हरियाणा के पंचकूला के एक सरकारी स्कूल के भीतर मात्र आठ साल के एक तीसरी कक्षा के छात्र ने छह साल की एक मासूम बच्ची को बेरहमी से हमला कर लहूलुहान कर दिया. बाद में पता चला कि आरोपी ने बच्ची को बताया कि उसके पिता स्कूल में ऊपर के क्लासरूम में हैं. वहां ले जाकर उसने बच्ची पर ईंट, गमले और बेंच से उसकी सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.

हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद बच्ची के पिता से मिलकर कहा, ‘अंकल, वह ऊपर है, मैं आपको ले चलता हूं.’ जब पिता वहां पहुंचे तो उनकी बेटी खून से लथपथ बेहोश पड़ी थी.

सीसीटीवी फुटेज में दिखा हॉरर

घटना के खुलासे के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने देखने वालों की रूह कंपा दी है. वीडियो फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी छात्र बच्ची को बालों से खींचकर डेस्क पर उसका सिर बार-बार पटक रहा है. जब बच्ची जमीन पर गिर गई, तो उसने लातों से उसके चेहरे और शरीर को कुचला तथा ईंट से कई बार हमला किया. इतना ही नहीं, कुछ देर बाद आरोपी दोबारा उस कमरे में लौटा और उसने फिर से बच्ची पर हमला किया. बच्ची दो घंटे से ज्यादा समय तक खून से लथपथ उसी क्लासरूम में बेहोश पड़ी रही.

घायल बच्ची के पास खुद ले गया हमलावर

परिवार को घटना का पता तब चला जब स्कूल के बाहर खड़ी ऑटो-रिक्शा का ड्राइवर बच्ची को लेने पहुंचा, लेकिन वह नहीं मिली. इसके बाद ड्राइवर ने बच्ची के पिता को फोन किया, जो तुरंत स्कूल पहुंचे. पीड़ित बच्ची के चाचा ने मीडिया को बताया कि हमलावर बच्चे ने खुद पिता को यह कहकर गुमराह किया कि वह बच्ची को ढूंढने में मदद करेगा और उन्हें ऊपर ले गया, जहां बच्ची खून के तालाब में अचेत अवस्था में पड़ी थी.

गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती

इस क्रूरतापूर्ण हमले में बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं, जिसमें चेहरे और नाक की हड्डियां टूट गई हैं. उसे तुरंत पंचकूला के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर सिविल अस्पताल और फिर बाद में पीजीआई (PGIMER), चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया.

अभी किस स्थिति में बच्ची

ताजा रिपोर्ट मिलने तक पता चला कि बच्ची रिकवर कर रही है. वह अपने माता-पिता के साथ घर पर है. वह खतरे से बाहर है. इस बहादुर बच्ची ने मौत को मात देकर अपनी मां की गोद में बैठकर खाना खाते हुए दिख रही है.

स्कूल प्रबंधन पर सवाल

शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है. बच्ची के परिजनों ने सवाल उठाया कि स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद किसी को भनक क्यों नहीं लगी. आरोप है कि प्रधानाचार्य की ड्यूटी का समय दोपहर 3 बजे समाप्त हो गया था और कैमरों की मानिटरिंग रूम में कोई देखरेख नहीं कर रहा था.

पुलिस जांच और प्रशासन का कड़ा रुख

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) अदिति सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में स्कूल प्रशासन की गंभीर लापरवाही पाई गई है, जिसके बाद किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

काउंसलिंग कराई जा रही है

चूंकि आरोपी बच्चा आठ वर्ष का है, इसलिए पुलिस कानून के प्रावधानों के तहत काउंसलिंग की मदद से उसकी मानसिक स्थिति का आकलन करवा रही है. BNS की धारा 21 के तहत सात से बारह वर्ष के बच्चों की आपराधिक परिपक्वता को लेकर कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा रही है.

पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

इस बीच, हरियाणा सरकार ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है और राज्यभर के सभी स्कूलों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं. सरकार ने यह भी घोषणा की है कि बच्ची के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी. शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा है कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी इस घटना का स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.



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