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Iran-US Deal News: ईरान-अमेरिका के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है. एक तरफ तो दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी ओर ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि वो ईरान पर हमला कर सकते हैं. ऐसे में विदेश मंत्री अरागची और सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि ईरान कभी भी सरेंडर नहीं करेगा.
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव जारी.
Iran-US Deal News: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध भले ही रुका हुआ हो, लेकिन डील भी नहीं हो पा रही है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि उनका देश किसी भी नए हमले की आशंका से इनकार नहीं करता. उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए उच्च स्तर पर तैयार है. हालांकि दूसरी ओर दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाएं भी बनी हुई हैं. अराघची के मुताबिक उनके एक वरिष्ठ सहयोगी बातचीत और सलाह-मशविरे के लिए दोहा में मौजूद हैं और उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कुछ प्रस्ताव दिए हैं.
अरागची ने अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि ईरान ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से भेजी गई चिट्ठी का अध्ययन किया है. उन्होंने अमेरिका की तरफ से बातचीत शुरू करने की कोशिश को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठक करने की कोई योजना नहीं है.उन्होंने कहा कि भविष्य में बातचीत सीधे होगी या किसी मध्यस्थ के जरिये इसका फैसला ईरान की शर्तों पर निर्भर करेगा. इस बीच ईरान ने कतर में भी अपने संपर्क बनाए रखे हैं.
ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं कई शर्तें
- ईरान की मांग है कि उसके तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में राहत दी जाए और विदेशों में जमा उसकी रकम वापस दिलाई जाए. इसमें कतर में जमा करीब 6 अरब डॉलर की राशि भी शामिल है.
- इसके अलावा ईरान चाहता है कि अमेरिका उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध हटाए. ईरान का दावा है कि जून 2026 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत अमेरिका ने तेल निर्यात में छूट देने और नई पाबंदियां नहीं लगाने का भरोसा दिया था, लेकिन समझौता टूटने के बाद अमेरिका ने यह छूट वापस ले ली.
- अमेरिका की प्रमुख मांग है कि ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोले. इस रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है.
हमले की आशंका के बीच बढ़ी तैयार है तेहरान
ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप के पास दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर एक अमेरिकी ड्रोन ने हमला किया, जिसमें दो मछुआरे घायल हो गए. दो अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. हालांकि इस घटना के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. अरागची ने कहा कि अमेरिकी आर्थिक दबाव का ईरान पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन उनका देश झुकने वाला नहीं है. उन्होंने दोहराया कि ईरान किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है. फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन एक-दूसरे की शर्तों और बढ़ते सैन्य तनाव के कारण समझौते की राह आसान नजर नहीं आ रही है.