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इंदौर में एक नशा मुक्ति केंद्र में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यहां भर्ती 24 वर्षीय युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. युवक की मौत की खबर से केंद्र में मौजूद अन्य मरीज घबरा गए और मुख्य द्वार खोलकर भाग निकले. शुरुआत में केंद्र प्रबंधन ने 70 मरीजों के भागने की जानकारी दी थी, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर की जांच में करीब 45 मरीजों के भागने की पुष्टि हुई है.
नशा मुक्ति केंद्र में 24 वर्षीय युवक ने की आत्महत्या
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक नशा मुक्ति केंद्र में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यहां भर्ती 24 वर्षीय युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. युवक की मौत की खबर से केंद्र में मौजूद अन्य मरीज घबरा गए और मुख्य द्वार खोलकर भाग निकले. शुरुआत में केंद्र प्रबंधन ने 70 मरीजों के भागने की जानकारी दी थी, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर की जांच में करीब 45 मरीजों के भागने की पुष्टि हुई है.
इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान सचेंद्र लोधी (24) के रूप में हुई है. वह नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए केंद्र में भर्ती था.रावजी बाजार थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि शनिवार को केंद्र में ध्यान की कक्षा चल रही थी. इसी दौरान सचेंद्र लोधी ने बेचैनी महसूस होने की बात कही और अपने कमरे में चला गया। कुछ समय बाद जब उसकी स्थिति देखी गई तो वह कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला. इसके बाद केंद्र के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया.
अस्पताल ले जाते समय मची अफरा-तफरी
युवक को फंदे से उतारकर केंद्र के कर्मचारी अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान दूसरे मरीजों को उसकी मौत की जानकारी मिली. घटना से घबराए मरीजों ने केंद्र का मुख्य दरवाजा खोल लिया और एक साथ बाहर भागने लगे. देखते ही देखते करीब 45 मरीज केंद्र से निकल गए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है.
70 मरीज भागने की दी थी जानकारी
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधन ने शुरुआत में 70 मरीजों के भागने की जानकारी दी थी. हालांकि, जब पुलिस ने केंद्र के उपस्थिति रजिस्टर का मिलान किया तो यह संख्या करीब 45 निकली. थाना प्रभारी के मुताबिक भागे हुए मरीजों में से कई अपने घर पहुंच चुके हैं.
आत्महत्या की वजह तलाश रही पुलिस
फिलहाल सचेंद्र लोधी द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया. वहीं, केंद्र से एक साथ इतने मरीजों के बाहर निकलने की घटना भी चर्चा का विषय बनी हुई है.