Azam khan Statement On Arrest | Azam khan News

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Azam Khan First Reaction On ED Arrest: रामपुर जेल से रिहा होते ही आजम खान को ईडी की टीम ने हिरासत में ले लिया. इस दौरान उन्होंने मीडिया और प्रशंसकों से बात करते हुए कहा कि यह सब एक मुसलमान होने की सजा है. आजम खान ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती यह थी कि उन्होंने समाज के बच्चों के लिए स्कूल और एक यूनिवर्सिटी बनवाई.

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ईडी की हिरासत में जाने से पहले क्या कह गए आजम खान?

Azam Khan Arrest: समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता मोहम्मद आजम खान जेल से निकलते ही ईडी के हिरासत में चले गए. रामपुर जेल से रिहा होने के बाद मीडिया के सामने उनका दर्द और गुस्सा छलक उठता है. उन्होंने अपने ऊपर हुई कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक शिकंजे को लेकर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि आज के समय में देश में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है और उन्हें जो सजा मिल रही है, वह सिर्फ और सिर्फ एक मुसलमान होने की है.

दरअसल, शनिवार को आजम खान के जेल से निकलते ही ईडी की टीम ने हिरासत में ले लिया. सूत्रों से जानकारी मिली कि उनको जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट घोटाले मामले में हिरासत लिया गया है. ये भी बताया गया कि उनको गाजियाबाद में ईडी कोर्ट में पेश कर पूछताछ किया जा सकता है. ईडी के हिरासत में जाने से पहले आजम खान मीडिया और अपने प्रशंसकों से मुखातिब हुए.

क्या बोले आजम खान?

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए आजम खान ने बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा, ‘कहने को अब बचा ही क्या है? क्या कहें? क्या कहें हम? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है. यह सब मुसलमान होने की सजा है. हमारी सबसे बड़ी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई. यही हमारा सबसे बड़ा गुनाह है. हमने समाज के बच्चों के लिए स्कूल बनवाए, शिक्षा के मंदिर खड़े किए, क्या यही हमारा अपराध था?’ उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से भारी हलचल पैदा कर दी है.

किस मामले में हुई आजम खान की गिरफ्तारी?

आजम खान को जेल से रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट से जुड़े मामले में हिरासत में ले लिया. आजम खान पहले से न्यायिक हिरासत में थे, इसलिए ED ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल किया था. अब उन्हें सोमवार सुबह गाजियाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) बताए जाएंगे. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान को जमानत दी थी, जिसके बाद रामपुर जेल से उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था.

ED ने जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है. जांच एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया गया था. साथ ही सरकारी विकास कार्यों का पैसा ट्रस्ट में लगाने का आरोप लगा. मामले की जांच 26 FIR के आधार पर शुरू हुई थी. इसके अलावा रामपुर में दर्ज 28 अन्य FIR भी ED की जांच के दायरे में हैं. इन मामलों में जमीन कब्जाने, बुलडोजर से मकान गिराने, मारपीट, लूटपाट और सरकारी मशीनों के कथित दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल हैं.

कानून के जाल में फंसे आजम खान

बता दें कि आजम खान पिछले काफी समय से विभिन्न मामलों में कानूनी शिकंजे में फंसे हुए हैं. उनकी टीम जेल और अदालतों के चक्कर काट रही है. उनके समर्थकों का एक बड़ा हिस्सा इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है. आजम खान के विरोधी दलों का कहना है कि भ्रष्टाचार तथा अन्य मामलों में अदालत के फैसलों के तहत ही कार्रवाई हो रही है.



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