बंगाल की खाड़ी में भारत की डिप्लोमेसी का कमाल, दुश्मनों के मंसूबों पर प्रहार
Agency:एजेंसियां
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होर्मुज क्राइसिस के बाद पूरी दुनिया का ध्यान एक बार फिर से समु्द्री सुरक्षा पर गया है. भारत भी मौजूदा हालात से पूरी तरह वाकिफ है. यही वजह है कि एक समय में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दो बड़े एक्सरसाइज चल रहे हैं. इससे समुद्री सुरक्षा और सहयोग को बल मिलने की उम्मीद है.
भारत BIMSTEC के पहले मैरिटाइम सिक्योरिटी एक्सरसाइज की मेजबानी कर रहा है. (फाइल फोटो)
भारत बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और सदस्य देशों के बीच सैन्य समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में पहली बिम्सटेक समुद्री सुरक्षा कवायद की मेजबानी कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. यह अभ्यास केंद्र शासित प्रदेश की राजधानी श्री विजयपुरम में आयोजित किया जा रहा है और 3 नवंबर तक चलेगा.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष थाईलैंड में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में घोषित प्रमुख पहलों में शामिल है. इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना, परिचालन समन्वय बेहतर करना और संयुक्त अभियानों के दौरान एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता विकसित करना है. सैन्य अभ्यास शुक्रवार को शुरू हुआ. इसमें तीन दिन का टेबलटॉप अभ्यास और उसके बाद दो दिन का हार्बर चरण आयोजित किया जाएगा. बिम्सटेक सदस्य देशों के जहाज भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं.
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि यह अभ्यास बिम्सटेक नेताओं की साझा दृष्टि को कार्रवाई में बदलने का प्रयास है. इससे समुद्री सहयोग मजबूत होगा, ऑपरेशनल को-ऑर्डिनेशन और आपसी क्षमता बढ़ेगी तथा बंगाल की खाड़ी में सुरक्षित, स्थिर और शांतिपूर्ण समुद्री वातावरण बनाने में योगदान मिलेगा. अंडमान एवं निकोबार कमान के अनुसार, अभ्यास का उद्घाटन शुक्रवार को श्री विजयपुरम में कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैककार्टी ने किया. समारोह में राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता और बांग्लादेश, म्यांमार तथा श्रीलंका के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए.
अंडमान एवं निकोबार कमान ने शनिवार को कहा कि दिल्ली घोषणा के आधार पर आयोजित यह अभ्यास साझा समुद्री सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को समन्वित कार्रवाई में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इसका लक्ष्य अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाना, सूचनाओं का आदान-प्रदान मजबूत करना और आतंकवाद सहित समुद्री तथा सीमा पार चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रतिक्रिया विकसित करना है. अभ्यास के तहत समुद्री क्षेत्र की निगरानी और जागरूकता (एमडीए), बंगाल की खाड़ी में परिचालन समन्वय तथा क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर), सीमा पार समुद्री अपराधों और तेल तथा खतरनाक पदार्थों के रिसाव से होने वाले समुद्री प्रदूषण से निपटने की क्षमता विकसित की जाएगी.
बिम्सटेक यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल में भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं. संगठन के सदस्य देश स्वतंत्र, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र की साझा परिकल्पना रखते हैं. क्षेत्रीय सहयोग के इस मंच ने पिछले वर्षों में एक सक्रिय संगठन के रूप में अपनी भूमिका मजबूत की है. समुद्री सुरक्षा अभ्यास को सदस्य देशों के बीच विश्वास बढ़ाने और साझा चुनौतियों से मिलकर निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
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